ATS की चार महिला अफसरों ने आधी रात जंगल में चलाया ऑपरेशन, कुख्यात हत्यारे को पकड़ा

New Delhi :  म्हारी छोरियां किसी से कम हैं के। ये सिर्फ फिल्मी डायलोग ही नहीं हकीकत में कही जाने वाली बात है। देश की बेटियां आज किसी काम में पीछे नहीं हे। आज हम आपको चार ऐसी महिला पुलिस अफसरों के बारे में बात रहे हैं जिन्होंने देश की नारी शक्ति को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।

गुजरात ATS की चार महिला अफसरों ने जंगल में आधी रात को डेढ़ किमी पीछा कर ऐसे आरोपी को पकड़ा, जिस पर 15 लोगों की हत्या का आरोप है। बदमाश जुसब अल्ला रखा सांध वारदात को अंजाम देकर जंगल में छिप जाता। उसे कोई ट्रैस न कर सके, इसलिए मोबाइल फोन अपने साथ नहीं रखता था। जंगल में एक से दूसरी जगह जाने के लिए घोड़ी का इस्तेमाल करता था।

महिला अफसर संतोक बेन, नितमिका, अरुणा बेन और शकुंतला बेन ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। संतोक बेन ऑडेदरा ने बताया कि अपराधी जुसब को पकड़ने की तैयारी तीन महीने से चल रही थी। बोटाद के जंगलों में उसकी मूवमेंट की जानकारी एटीएस में जिग्नेश अग्रावत को मिली थी। इसके बाद मुझे, अरुणाबेन गामित, नितमिका गोहिल, शकुंतलाबेन और जिग्नेश अग्रावत को यह टास्क सौंपा गया।

संतोकबेन ने बताया, “मुखबिर द्वारा बताई गई जगह तक पहुंचने के लिए डेढ़ किमी पैदल चलना पड़ा। ऑपरेशन की गोपनीयता के लिहाज से गाड़ी में वहां जाना सही नहीं था। फिर भी आरोपी को भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पकड़ने आ रही है। इसलिए हम उसके ठिकाने के पास पहुंचकर छिपकर बैठ गए। हमने सुबह तक उसके बाहर निकलने का इंतजार किया। जैसे ही वह बाहर निकला, हमने उसे पकड़ लिया।”

एटीएस ने बताया कि सांध का पूरे सौराष्ठ में आतंक था। इसके खिलाफ जबरन वसूली, हत्या और मारपीट के कई केस चल रहे हैं। एटीएस प्रमुख हिमांशु शुक्ला ने बताया कि पुलिस महकमे में सभी को बहादुरी साबित करने का मौका मिलता है। हमने महिला टीम पर भरोसा जताया। सफलता के लिए उन्हें बधाई।