वर्ल्ड कप फाइनल में ओवर थ्रो पर चार रन देने वाले अंपायर धर्मसेना ने मानी अपनी गलती

New Delhi: वर्ल्ड कप 2109 के फाइनल मैच के दौरान खेला गए सुपर ओवर में ओवर थ्रो पर चार रन देने वाले, ग्राउंड अंपायर कुमार धर्मसेना ने अब इस मामले में अपनी गलती स्वीकार कर ली है।

श्रीलंका से ताल्लुक रखने वाले अंपायर कुमार धर्मसेना का कहना है कि, सुपर ओवर में उस ओवर थ्रो पर इंग्लैंड को 6 रन मिलना ,उनकी एक बहुत बड़ी गलती का नतीजा है।

धर्मसेना ने श्रीलंका के अखबार संडे टाइम्स से कहा, अब टीवी पर रीप्ले देखने के बाद मैं स्वीकार करता हूं कि मुझसे फैसला करने में गलती हुई थी। लेकिन मैदान पर टीवी रीप्ले देखने की सहूलियत नहीं थी और मुझे अपने फैसले पर कभी मलाल नहीं होगा।

पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने हालांकि अंपायरों के छह रन देने के फैसले को गलत बताया था और कहा था कि यहां छह रन के बजाय पांच रन देने चाहिए थे, क्योंकि बल्लेबाजों ने दूसरा रन पूरा नहीं किया था।

इस बार का वर्ल्ड कप फाइनल मैच मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था।मैच के अंत में दोनों ही टीमों को स्कोर एक बराबर थे। जिसके बाद इस मैच को सुपर ओवर तक ले जाया गया।

लेकिन सुपर ओवर में भी दोनों ही टीमों का स्कोर बराबर ही रहा। जिसके बाद इंग्लैंड की टीम को अपनी पारी में ज्यादा चौके प्राप्त करने की वजह से विजेता घोषित कर दिया गया।

इस मैच में के सबसे बड़े वि’वाद की वजह भी इस मैच का सुपर ओवर ही साबित हो रहा है। दरअसल फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को अंतिम ओवर की 3 गेंदों में 9 रन जीत के लिए चाहिए थे।

तभी चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स शॉट खेलते है और एक रन लेने के बाद तेजी से दूर रन भागते है, इसी दौरान बाउंड्री पर खड़ें मार्टिन गप्टिल थ्रो करते हैं और गेंद स्टोक्स के बल्ले से लग कर चार रनों के लिए चली जाती है।

जिस पर अंपायर आपस में बातचीत करने के बाद इंग्लैंड को 6 रन दे दिए। इस तरह जहां सिर्फ 2 रन होने चाहिए थे, वहां इंग्लैंड को 4 रन और अधिक रन मिल गए यानी कुल मिलाकर इंग्लैंड के खाते में 6 रन जुड़ गए। जिसके बाद इंग्लैंड को दो गेंदों में 3 रन चाहिए थे मगर मैच टाई हो गया।