उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या में कुलदीप सेंगर और 2 पुलिस अफ़सर दोषी करार, 12 को सजा का ऐलान

New Delhi : उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में Ex MLA  Kuldeep Singh Sengar को दोषी करार दिया गया है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आपका आशय नहीं था, लेकिन जिस तरीके से मारा गया, वोब्रूटल था. आपको दोषी करार दिया जाता है.

पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुल 11 आरोपी थे. इनमें से 4 बरी किए गए है. बाकी 7 को कोर्ट ने पीड़िता के पिता की कस्टडीमें हुई मौत का दोषी माना है. सजा का ऐलान 12 मार्च को किया जाएगा. धारा 304 और 120b में कुलदीप सेंगर को तीस हजारी कोर्ट नेदोषी करार दिया है.

आरोपी कुलदीप सेंगर समेत जिन 7 लोग को दोषी करार दिया गया है, इनमें से दो यूपी पुलिस के एसएचओ और सब इंस्पेक्टर हैं.

फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि मेरी जिंदगी का सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रायल रहा. जज ने सीबीआई की सराहना की. पीड़ित के वकीलकी भी सराहना की. कुलदीप सेंगर से जज ने कहा कि आप क्या कहना चाहेंगे. उसने कहा मै निर्दोष हूं. जज ने कहा कि आपनेटेक्नोलॉजी का अच्छा इस्तेमाल किया.

ये हुआ फ़ैसला : 1- कुलदीप सेंगरदोषी, 2- कामता प्रसाद, सब इंस्पेक्टरदोषी, 3- अशोक सिंह भदौरिया, SHO — दोषी, 4- शैलेंद्र सिंह उर्फ टिंकू सिंहबरी, 5- विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रादोषी, 6- बीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंहदोषी, 7- राम शरण सिंहउर्फ सोनू सिंहबरी, 8- शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंहदोषी, 9- अमीर खान, कॉन्स्टेबलबरी, 10- जयदीप सिंह उर्फ अतुलसिंहदोषी, 11- शरदवीर सिंहबरी

उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल 2018 में मौत हो गई थी. सीबीआई ने इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगरसमेत अन्य कई लोगों पर पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप का जांच कर रही थी.

इस मामले की सुनवाई को अन्य मामलों के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली ट्रांसफर किया गया था. इस मामले में सीबीआई नेआरोपों को साबित करने के लिए पीड़िता के चाचा, मां, बहन पिता के सहकर्मी समेत 55 गवाहों के बयान दर्ज करवाए तो वहीं बचावपक्ष ने नौ गवाहों को पेश किया. सीबीआई के मुताबिक, तीन अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता आरोपी शशि प्रताप सिंह के बीचझगड़ा हुआ था.

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 20 दिसंबर 2019 को आजीवन कारावासकी सजा सुनाई थी

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