4 लाख के कर्ज में दबे किसान ने की आत्महत्या, परिजन बोले- कर्जमाफी के नाम पर मिला धोखा

NEW DELHI: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने किसानों का कर्जमाफ किया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पहली फाइन साइन की, जिसके तहत किसानों का 2 लाख रुपये तक का लोन माफ करने की योजना शामिल थी। कांग्रेस सरकार की कर्जमाफी की योजना के दायरे में नहीं आने के कारण एक किसान ने आत्महत्या कर ली। दरअसलस, खंडवा जिले की पंधाना विधानसभा क्षेत्र के अस्तरिया गांव के 45 वर्षीय किसान फांसी के फंदे पर झूल गया।

बताया जा रहा हैं कि किसान के ऊपर 4 लाख का कर्जा था। लाख कोशिशो के बाद भी वह कर्जा नहीं चुका पा रहा था। कांग्रेस द्वारा किए गए कर्जमाफी के ऐलान के बाद किसान को उम्मीद जगी, लेकिन 2 लाख रुपये तक का कर्जा माफ होने के खबर के बाद किसान को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह अपना कर्जा कैसे भरे। जिंदगी से हार कर किसान ने मौत को गले लगाकर आसान समझा और पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर झूल गया।

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किसान का शव आज सुबह करीब 7 बजे उसी के खेत के एक पेड़ से रस्सी से लटकता मिला। ग्रामीणों ने पुलिस और परिजनों को तत्काल इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी लगते ही पंधाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा।

मामले को लेकर पंधाना थाना प्रभारी शिवेंद्र जोशी ने बताया कि मर्ग कायम कर मामले की जांच में लिया है। किसान ने आत्महत्या किस कारण की यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। प्रारंभिक पूछताछ में परिजन कर्ज की वजह से सुसाइड करने की बात कह रहे हैं। बताया जा रहा है कि कर्ज और खेत का बोर सूख जाने से वह तनाव में था। बोर में पानी नहीं होने से फसल सूखने लगी थी।