विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल सरकार की ऑटोरिक्शा चालकों को बड़ी सौगात

New Delhi: राजधानी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मंगलवार को ऑटोरिक्शा चालकों के लिए कई बहुत ही अहम फैसले लियें। अब ऑटोरिक्शा चालकों को फिटनेस चार्ज नहीं देना होगा, पहले इसके लिए 600 रुपये का भुगतान करना होता था। सिर्फ इतना ही दिल्ली सरकार ऑटो रिक्शा चला कर अपना और अपने परिवार का पेट पालने वालों को अब ऑटो के रजिस्ट्रेशन में भी बहुत बड़ी छूट दे रही है जहां पहले उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस के रुप में उन्हें 1000 रुपये देने पड़ते थे वहीं अब बस 300 रुपये देने होंगे।

ऐसी उम्मीद है कि केजरीवाल सरकार के इन फैसलों से 90,000 ऑटो रिक्शा चालकों को लाभ पहुंचेगा। जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम के लिए जहां वर्तमान में जीएसटी और सिम के शुल्कों को मिलाकर हर महीने 100 रुपये लिये जाते थे अब उसको भी पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। अब इन सब को परिवहन विभाग वहन करेगा। इसी के साथ फिटनेस टेस्ट पर लेट पेनल्टी फीस को भी घटाया गया है जहां पहले अभी इसके लिए 1000 रुपये और हर दिन के 50 रुपये देने होते हैं वहीं आगे से 300 रुपये और रोजाना 20 रुपये देने होंगे।

डूप्लीकेट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए भी फीस में कटौती की गई है जहां इसके लिए पहले 500 रुपये देने होते थे वहीं नये नियम लागू हो जाने के बाद 150 रुपये देने होंगे। पेनल्टी चार्ज 500 रुपये प्रतिमाह से घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है। ये सभी नए बदलाव 1 सितंबर से लागू होंगे।

इससे पहले जून महीने में केजरीवाल सरकार ने ऑटो रिक्शा के किराये में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की घोषणा से ये बात साफ होती है कि केजरीवाल सरकार इन 90,000 ऑटो रिक्शा चालकों का वोट अपने पक्ष में करने के लिए इस तरह की घोषणाएं कर रही है। खैर जो भी हो लेकिन इससे गरीब ऑटोरिक्शा चालकों को तो निःसंदेह ही फायदा होगा।