कश्मीर: 70 दिनों बाद पोस्टपेड मोबाइल सेवा पाकर जानिए लोगों ने क्या कहा

New Delhi: आज पूरे 70 दिनों बाद जम्मू-कश्मीर के लोग फोन पर बात करते दिखाई दिए। प्रशासन ने घोषणा की थी कि सोमवार को क्षेत्र में पोस्टपेड मोबाइल सेवाओं को पूरी तरह से बहा’ल कर दिया जाएगा। सेवा शुरू होने के तुरंत बाद लोगों ने अपने परिजनों, साथियों व करीबीयों से बात की। इस दौरान उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी नजर आई। उनसे इस पर समाचार एजेंसी एएनआई ने बात की।

स्थानीय लोगों ने कहा कि वे अपने करीबीयों और खास लोगों के साथ संपर्क करने में सक्षम नहीं थे और मोबाइल फोन के बिना अकेलेपन की भावना महसूस कर रहे थे। एक स्थानीय निवासी फारुख अहमद ने बताया “मुझे खुशी है कि फोन सेवाएं चालू हैं। अब, मैं अपने परिवार के सदस्यों से बात कर सकता हूं। पिछले 70 दिनों में हमारे लिए बहुत सारी समस्याएं थीं। मेरे भाई कश्मीर से बाहर थे और हम उनसे बात नहीं कर पा रहे थे। मोबाइल फोन के बिना, हमारे जीवन में एक ठहरा’व-सा आ गया था”।

इसी तरह की भावनाओं को जताते हुए, एक अन्य निवासी ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं चालू रहेंगी। एक दूसरे निवासी गोपाल ने कहा “मुझे बहुत खुशी है कि मोबाइल कनेक्टिविटी पूरी तरह से बहा’ल हो गई है। इससे पहले, हम लोगों से बात करने में अटसुविधा का सामना कर रहे थे। जब नेटवर्क डाउन हो रहा था, हम अकेलेपन की भावना महसूस कर रहे थे। लेकिन, अब हम अपने करीबीयों और दोस्तों से बात कर सकते हैं। गोपाल ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सेवाएं चालू रहेंगी।

दो महीने से कश्मीर घाटी में मोबाइल फोन सेवाओं पर प्रतिबं’ध लगा हुआ था। घाटी के लोगों को काफी दि’क्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन हालात सामान्य देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कश्मीर घा’टी में पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल की हैं। राज्य सरकार ने दो दिन पहले पोस्टपेड सेवाओं पर पा’बंदी हटाने का फैसला लिया था। मलिक ने कहा कि घाटी में जल्द ही इंटरनेट सेवाएं भी चालू हो जाएंगी।

फिलहाल सरकार ने पोस्टपेड मोबाइल पर कॉलिंग की सुविधा शुरू की है। लोगों को इंटरनेट सेवाओं के बहाल होने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। इसके साथ ही प्रीपेड सेवा पर भी फैसला बाद में होगा। घाटी में करीब 66 लाख मोबाइल उपभोक्ता हैं। इनमें से 40 लाख उपभोक्ताओं के पास पोस्ट पेड सुविधा है। पर्यटकों के लिए घाटी को खोले जाने के दो दिन बाद यह फैसला हुआ था। पर्यटकों से जुड़े संगठन ने प्रशासन से अनुरोध किया था कि अगर मोबाइल फोन काम नहीं करेंगे तो कोई भी पर्यटक घाटी नहीं आना चाहेगा।