भारत को किसी नए मंदिर, चर्च, मस्जिद, गुरुद्वारे की जरूरत नहीं है: कार्ति चिदंबरम

New Delhi: राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद वि’वाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। कोर्ट ने वि’वादित जमीन पर रामलला के हक में फैसला सुनाया। इस पर कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि देश में पर्याप्त पूजा स्थल हैं, जिन्हें जीर्णोद्धार की आवश्यकता है।

एक ट्वीट में कांग्रेस नेता ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि भारत को किसी नए मंदिर, चर्च, मस्जिद, गुरुद्वारे या किसी भी पूजा स्थल की आवश्यकता नहीं है। हमारे पास पूजा के पर्याप्त स्थान हैं, जिनके जीर्णोद्धार, नवीनीकरण और संरक्षण की आवश्यकता है।”

बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने शनिवार को इस मामले में फैसला सुनाया। 5 न्यायाधीशों की बेंच ने 16 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी। संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस धनंजय वाई चन्द्रचूड और जस्टिस एस अब्दुल नजीर भी शामिल थे। फैसले में कहा गया कि वि’वादित 2.77 एकड़ भूमि राम लल्ला को सौंप दी जाए और मंदिर निर्माण के लिए केंद्र को तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया। वहीं मुस्लिम पक्ष सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही अलग जगह देने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े को दावे को भी खा’रिज कर दिया।

ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े का प्रतिनिधि भी रहेगा। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में असफल रहा है। कोर्ट के मुताबिक आस्था के आधार पर जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता है।

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