कर्नाटक मामला : स्पीकर केआर रमेश ने कहा सही फॉर्मेट में नहीं हैं 8 विधायकों के इस्तीफे

New Delhi: बागी विधायकों से मुलाकात के बाद विधानसभा स्पीकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि उनका काम किसी को बचाना नहीं है। उन्होंने कहा कि जितने विधायकों ने इस्तीफा दिया, उनमें से 8 विधायकों के इस्तीफे सही फॉर्मेट में नहीं है। कर्नाटक के सियासी संकट पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है। इस मुद्दे पर स्पीुकर ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी।

गैरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट (SC) ने आज कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायकों द्वारा डाली गई याचिका पर सुनवाई की थी। कोर्ट ने कर्नाटक के 10 बागी कांग्रेस-जेडीएस विधायकों से कहा था कि “आज शाम 6 बजे कर्नाटक विधानसभा स्पीकर से मिलें और अगर वे चाहें तो अपना इस्तीफा सौंप दें।” इसके साथ ही SC ने कहा-, “विधायकों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कर्नाटक स्पीकर को शेष दिन में फैसला लेना होगा। कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को सभी बागी विधायकों को संरक्षण देने का भी आदेश दिया और सुनवाई कल के लिए स्थगित कर दी। विधायकों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया कि कर्नाटक विधानसभा स्पीकर ने जानबूझकर उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया है।

इन विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए स्पीकर ने जो निर्देश दिया है, उस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की पीठ द्वारा सुनवाई की जाएगी।जब कर्नाटक में राजनीतिक संकट के मुद्दे का बुधवार सुबह CJI की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष उल्लेख किया गया था, तो बागी विधायकों को आश्वासन दिया गया था कि अदालत यह देखेगी कि क्या गुरुवार को उनकी याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।

पीठ ने विद्रोही विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की याचिका पर ध्यान दिया, जिन्होंने कहा कि इन सांसदों ने पहले ही विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और नए सिरे से चुनाव लड़ना चाहते हैं।