अमित शाह के ‘एक देश एक भाषा’ के बयान का कर्नाटक कांग्रेस ने किया विरोध

New Delhi: हिंदी दिवस के अवसर पर शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित शाह ने भारत को एक भाषा में बंधने की जरूरत पर बात की। उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही दक्षिण से उनके इस बयान का विरोध भी सामने आने लगा। कर्नाटक कांग्रेस ने अमित शाह के इस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि भारत विविधताओं का देश है, ये देश कभी एक भाषा पर निर्भर रहा ही नही है।

कर्नाटक कांग्रेस के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया “अमित शाह को अपने ज्ञान को अपडेट करने की जरूरत है वो शायद इससे अनजान हैं कि भारत विविधता में एकता का संदेश देने वाला देश है। भारत का अस्तित्व कभी भी एक भाषा से नहीं पहचाना गया। भाजपा का मकसद आरएसएस के धर्म और भाषा के आधार पर लोगों को बांटने पर आधारित है जो कि भाजपा चोरी छूपे धीरे धीरे इसका पालन कर भी रही है।”

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ट्वीट में लोगों को महात्मा गांधी और सरदार पटेल द्वारा परिकल्पित के रूप में देश में एक भाषा के सपने को साकार करने के लिए हिंदी का अधिक उपयोग करने के लिए कहा था।

शाह ने कहा, “हालांकि भारत विभिन्न भाषाओं का देश है और हर भाषा का अपना महत्व है लेकिन देश को आज एक भाषा की जरूरत है जो दुनिया में भारत के लिए एक पहचान बन जाए। आज अगर कोई भाषा है तो देश को एकजुट कर सकता है, यह हिंदी है जो कि भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

आज हिंदी दिवस है जो हिंदी को बढ़ावा समाजिक और व्यवसायिक क्षेत्रों में बढ़ावा देने के लिए हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। आज भारतीयों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया भर के हिंदी प्रेमियों के लिए आज का दिन खास है। ऐसे में भारत के दोस्त इजराइल ने भी हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि हम अपने देश में भी हिंदी को बढ़ावा दे रहे हैं।