वकील को 82 लाख पेमेंट पर कंगना का तंज- पापा का पप्पू मुझे चिढ़ाने को जनता का पैसा लुटा रहा है

New Delhi : कंगना रनौत ने एकबार फिर महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने आज एक न्यूज का हवाला देते हुये कहा है कि सरकार और उनके नुमाइंदे अपनी खुन्नस निकालने के लिये पब्लिक की गाढ़ी कमाई का लाखों लुटा रहे हैं। यह सरकार लोकहित में है ही नहीं। एक दिन पहले ही कंगना ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जबरदस्त ढंग से वार किया था। कंगना के लगातार हमलावर रुख से महाराष्ट्र सरकार सकते में है लेकिन कुछ करने की स्थिति में नहीं है। वैसे कंगना को फंसाने के लिये मुम्बई पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही कंगना ने हरियाणा घटना पर भी दुख व्यक्त किया है।

कंगना रनौत ने एक मराठी न्यूज को रीट्वीट करते हुये महाराष्ट्र सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट किया- बीएमसी ने अब तक मेरे घर पर अवैध रूप से विध्वंस के मामले में वकील पर 82 लाख खर्च किये हैं। पापा का पप्पू एक लड़की को चिढ़ाने के लिये जनता का पैसा खर्च करता है। यह वह जगह है जहाँ आज महाराष्ट्र खड़ा है, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इधर हरियाणा के फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर के साथ जो हुआ उससे बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत काफी मर्माहत हैं। कंगना ने इस मुद्दे पर चुप रहनेवाले लोगों पर निशाना साधते हुये ट‍्वीट किया- फ्रांस में जो हुआ, उस पर पूरी दुनिया हैरान है। फिर भी इन जिहादियों को कानून या सिस्टम का कोई डर नहीं है। एक हिंदू छात्रा के साथ दिनदहाड़े कॉलेज के सामने जो हुआ वो शर्मनाक है। वो भी क्यों? क्योंकि उसने इस्लाम में धर्मांतरण से इनकार कर दिया था। इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।
एक अन्य ट्वीट में कंगना रनौत ने पीड़ित की बहादुरी की प्रशंसा की और उसकी तुलना रानी लक्ष्मीबाई से की। उन्होंने लिखा- निकिता की बहादुरी रानी लक्ष्मीबाई या पद्मावती से कम नहीं है। जिहादी पर जुनून सवार था। निकिता ने उसके साथ जाने से और जीने से मना कर दिया। अगर निकिता जीना चाहती तो उसके साथ चली जाती। देवी निकिता हिंदू महिलाओं की गरिमा और गौरव की प्रतीक बन गईं हैं।

कंगना ने भारत सरकार से निकिता को बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया- देवी निकिता ने जो किया वो जौहर से कम नहीं, वो मिट गयी मगर झुकी नहीं। हम निकिता का ये बलिदान कभी नहीं भूलेंगे। मैं भारत सरकार से विनती करती हूँ कि देवी नीरजा की तरह देवी निकिता को भी ब्रेवरी अवार्डस दिया जाये।

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