हिन्दू महासभा ने कमल हसन की तुलना हाफिज सईद से की,बीजेपी ने खटखटाया चुनाव आयोग का दरवाजा

( नई दिल्ली)अभिनेता से नेता बने कमल हसन के हिन्दू आतंकवाद वाले बयान पर हिन्दू महासभा के स्वामी चक्रपाणि ने उनकी तुलना पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सईद से की है.उन्होंने कहा कि कमल हसन मुहम्मद अली जिन्ना की विचारधारा से प्रभावित लगते हैं जिनकी वजह से देश का विभाजन हुआ था.इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

कमल हसन के “नाथूराम गोडसे आजाद भारत का पहला हिन्दू आतंकवादी है” वाले बयान पर चक्रपाणि ने कहा कि ये अत्यंत निंदनीय है और वह हाफिज साईद की भाषा बोल रहे हैं. हमारी उनसे विनती है कि देश की एकता को बनाये रखने में सहयोग करें। चक्रपाणि ने कहा कि हमें पता है कमल हसन जिन्ना से प्रभावित हैं जिनकी वजह से सैकड़ो निर्दोष हिन्दू और मुस्लिम मारे गए थे.


तमिलनाडू के कुरुर जिले के अरावाकुरुचि में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कमल हसन ने कहा था कि,आजाद भारत का पहला चरमपंथी एक हिन्दू था जिसका नाम नाथूराम गोडसे था.जिसने महात्मा गांधी की हत्या की थी.उन्होंने कहा कि हम ऐसा इसलिए नहीं कह रहे कि यहां पर मुसलमानों की जनसंख्या अधिक है बल्कि ये हम महत्मा गाँधी की मूर्ति के सामने कह रहें है.अरावाकुरुचि तमिलनाडू की उन चार विधानसभाओं में से है जहां पर 19 मई को होने वाले उपचुनाव में मतदान होना है.
तमिलनाडू बीजेपी अध्यक्ष तमिलिसाई सुंदराजन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,”हम उनके हिन्दू चरमपंथ वाले बयान की कड़ी निंदा करते हैं.कमल हसन अल्पसंख्यक क्षेत्र में साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने वाले बयान दे रहें हैं.चुनाव आयोग को उनके इस बयान पर सख्त से सख्त कार्यवाई करनी चाहिए”

वहीं तमिलनाडू सरकार के मंत्री के टी राजेन्द्र बालाजी ने कहा कि,”कमल हसन के इस बयान के लिए उनकी जुबान काट लेनी चाहिए। उन्होने ये बयान अल्पसंख्यको के वोट पाने के लिए दिया है.उनको किसी एक की गलती के लिए पूरे समुदाय के बारे ऐसा नहीं कहना चाहिए था.चुनाव आयोग को उनपर सख्त कार्यवाई करना चाहिए।”