के परासरण…93 साल के वकील जिन्होंने रामलला के लिए ल’ड़ी कानूनी ल’ड़ाई

New Delhi : वरिष्ठ अधिवक्ता के.परासरण ने अयोध्या मामले में रामलला विराजमान की ओर से पैरवी की। परासरण ने हाल ही में कहा था कि उनकी आखिरी ख्वाहिश है कि उनके जीतेजी रामलला कानूनी तौर पर विराजमान हो जाएं।

93 साल की उम्र के बावजूद पूरी ताकत से अयोध्या मामले में मजबूत दलीलें रखने वाले परासरण को भारतीय वकालत का भीष्म पितामह कहा जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में जब अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई का फैसला किया तो विरोधी पक्ष के वकीलों ने कहा था कि उम्र को देखते हुए उनके लिए यह मुश्किल होगा लेकिन 92 साल के परासरण ने 40 दिन तक घंटों चली सुनवाई में पूरी मेहनत से दलीलें पेश की।

परासरण की उम्र को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें बैठकर दलील पेश करने की सुविधा भी दी थी, लेकिन उन्होंने यह कहकर इनकार कर दिया कि वह भारतीय वकालत की परंपरा का पालन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को सर्वसम्मति के फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करते हुये केन्द्र को निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिये किसी वैकल्पिक लेकिन प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ का भूखंड आवंटित किया जाये।