भाजपा के ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह जीते, गुजरात में विवाद से विलंब

New Delhi : मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सीटों के लिये शुक्रवार को चुनाव हुये। भाजपा ने अपनी दो सीटें बरकरार रखी हैं, जबकि एक सीट कांग्रेस ने जीती है। राज्यसभा के लिए भाजपा के निर्वाचित उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रोफेसर सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सबसे अधिक वोटों से चुने गये हैं। दिग्विजय लगातार दूसरी बार मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुये हैं। इस चुनाव में इन तीनों के अलावा कांग्रेस के उम्मीदवार वरिष्ठ दलित नेता फूल सिंह बरैया भी मैदान में थे, लेकिन वह हार गये। इधर राजस्थान में कांग्रेस ने दो सीटों पर और भाजपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। वहीं गुजरात में दो विधायकों के विवाद को लेकर मतगणना कार्य विलंबित हो गया। झारखंड के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी जीत गये हैं।

इस चुनाव के लिये मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में शुक्रवार को मतदान हुआ। इस चुनाव में कुल 206 मत पड़े। इनमें से दिग्विजय को 57 मत मिले, जबकि सिंधिया को 56, सोलंकी को 55 और बरैया को मात्र 36 मत प्राप्त हुये। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास वर्तमान में 92 विधायक हैं। इनमें से 54 विधायकों को पार्टी के पहली वरीयता वाले उम्मीदवार दिग्विजय सिंह को मतदान करने को कहा गया था। मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं और फिलहाल 24 सीटें रिक्त होने की वजह से विधानसभा की प्रभावी संख्या 206 है। इसमें भाजपा के 107, कांग्रेस के 92, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं। इस स्थिति में राज्यसभा में निर्वाचन के लिए किसी भी उम्मीदवार को 52 मतों की जरूरत थी।
कोरोना वायरस से संक्रमित कांग्रेस के एक विधायक ने भी सबसे अंत में पीपीई किट पहनकर मतदान किया। सावधानी के तौर पर वह पीपीई किट पहनकर मतदान के लिये पहुंचे थे।
राजस्थान में कांग्रेस ने दो तथा भाजपा ने राज्यसभा की एक सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल को 64 वोट, नीरज डांगी को 59 वोट मिले। वहीं भाजपा के राजेन्द्र गहलोत को 54 वोट तथा ओंकार सिंह लखावत को 20 वोट मिले। साथ ही भाजपा का एक वोट रिजेक्ट हो गया, 2 मतदाता अनुपस्थित रहे। कांग्रेस को 123 वोट मिले जबकि भाजपा को 74 वोट मिले।
प्रदेश में संसद के उच्च सदन की 3 सीटों के लिए मतदान शुक्रवार को संपन्न हो गया। कुल 200 में से 198 वोट डाले गए। सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल तथा डूंगरगढ़ से सीपीएम विधायक गिरधारी लाल महिया अस्वस्थ होने के कारण वोट नहीं दे सके। दोपहर दो बजे तक 200 में से 193 वोट डाले जा चुके थे लेकिन इसके बाद कांग्रेस विधायक वाजिब अली के वोट डालने को लेकर भाजपा के ऑब्जेक्शन के कारण मतदान शाम चार बजे तक खिंच गया।

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