बस पांच ही जायें अंदर, बस ऐसी हो तैयारी : महाकाल के दर्शन होंगे, बाबा विश्वनाथ के भी

New Delhi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है – कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रत्येक स्तर पर पूरी सावधानी और सतर्कता बरतना आवश्यक है। धर्मस्थलों को खोले जाने से पूर्व प्रशासन और पुलिस के अधिकारी धर्मस्थलों के प्रबन्धन से जुड़े लोगों से संवाद बनायें। प्रत्येक धर्म स्थल पर सेनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था रहनी चाहिए। धर्मस्थल के अन्दर एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु न हों। धर्म स्थल में प्रतिमा अथवा धार्मिक ग्रन्थों को कोई भी स्पर्श न करें। सारे उपायों के साथ ही उत्तर प्रदेश के मंदिर खुलेंगे।

इधर उज्जैन में करीब 80 दिन बाद भक्त अपने आराध्य महाकाल के दर्शन फिर से कर पायेंगे। महाकाल के साथ ही नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी के दर्शन भी भक्त 8 जून से कर पायेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर को 21 मार्च को ही आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद से मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा हुआ है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन आने के बाद मंदिर समिति ने पंडित, पुजारी के साथ एक बैठक की, इसमें अलग-अलग तरह के सुझाव आए, जिसको लेकर अब मंदिर समिति युद्ध स्तर पर श्रद्धालुओं को दर्शन कराने और मंदिर में प्रवेश कराने को लेकर तैयारी कर रही है। बैठक के साथ ही मंदिर में साफ-सफाई का काम शुरू हो चुका है। मंदिर के सभी एंट्री और एग्जिट गेट को सुचारू रूप से चलाने के लिए उनका कार्य भी किया जा रहा है।
मंदिर में भक्तों का प्रवेश तो शुरू हो जाएगा, लेकिन भक्त भगवान को दूर से ही निहार पाएंगे। गर्भगृह में अभी प्रवेश बंद रहेगा। भक्त किसी भी प्रकार की पूजन सामग्री भीतर नहीं ले जा पाएंगे। वहीं, नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर भी लॉकडाउन के बाद 25 मार्च से बंद था। अब करीब 75 दिन बाद भक्त मां के दर्शन कर पाएंगे। तहसीलदार संजीव सक्सेना ने बताया कि सेंट्रल गवर्नमेंट की गाइडलाइन के अनुसार सोमवार से मंदिर खुलेगा।

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