भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ से की मुलाक़ात

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ से मुलाक़त की। जेपी नड्डा ने यह मुलाक़ात भाजपा के सम्पर्क से समर्थन अभियान के तहत बेंगलुरू में की है। अपने एक दिवसीय बेंगलुरू दौरे के दौरान जेपी नड्डा वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रशेखर कम्बार से भी मुलाक़ात करेंगे। चंद्रशेखर कम्बार साहित्य में अपना विशेष योगदान देने के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्म श्री ,पम्पा पुरस्कार से नवाज़े जा चुके हैं।

इससे पहले जेपी नड्डा ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 ने कभी भी जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा नहीं दिया है यह एक ऐतिहासिक झूठ है। नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के सभी नेताओं ने गलतफहमी फैलाने के लिए ये झूठ बोला। जबकि भारतीय संविधान में लिखा है कि 370 अस्थायी है और बदलने वाला है। संविधान सभा में इस अनुच्छेद के कोई प्रतिवादक नहीं थे। कोई भी इस विचार पर विचार नहीं करना चाहता था।

साथ ही उन्होंने बताया जब पीएम नेहरू ने शेख अब्दुल्ला को अनुच्छेद 370 के बारे में तत्कालीन कानून मंत्री बीआर अंबेडकर को समझाने के लिए कहा, तो अंबेडकर ने उनसे कहा, “आप चाहते हैं कि हम आपकी सीमाओं की रक्षा करें, भोजन और कनेक्टिविटी प्रदान करें लेकिन आप जम्मू-कश्मीर में भारतीयों के लिए नागरिकता के अधिकार नहीं चाहते हैं। यह मेरे लिए अस्वीकार्य है।

इसके अलावा जेपी नड्डा ने कहा अनुच्छेद 370 के कारण सुचना का अधिकार, बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाला कानून, पंचायती राज समेत 104 कानून जो देश की संसद से पारित हुए थे, वो जम्मू कश्मीर में नहीं लगते थे। दूसरे राज्यों से जम्मू कश्मीर में बसने वाले सफाई कमर्चारियों को वहां की सरकार में दूसरी किसी नौकरी का हक नहीं था। दूसरे राज्यों में विवाह करने वाली महिलाओं को पुश्तैनी जायदाद का अधिकार नहीं थे। इस कारण से अनुच्छेद 370 को हटाना बहुत जरूरी हो गया था।