गलवान में फड़फड़ा रहे जवान, चीनी रोक रहे पेट्रोलिंग, पहाड़ों में गरजे फाइटर प्लेन, जबर मिलिट्री मूवमेंट

New Delhi : धोखेबाज चीन अपनी चाल बदलने को तैयार नहीं। ड्रैगन एक तरफ बातचीत में पीछे हटने का वादा करता है तो दूसरी तरफ सैनिक और हथियार बढ़ाकर युद्ध जैस हालात पैदा करता है। फिंगर एरिया सहित पूरे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन सेना और रक्षा उपकरण बढ़ा रहा है। लद्दाख के फिंगर इलाके में चीनी सैनिक अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत ने भी यहां अपनी ताकत बढ़ा दी है। बुधवार को एक बार फिर आसमान में भारत के लड़ाकू विमान गरजते रहे तो जमीन पर भारतीय जांबाज दुश्मन की हर चुनौती का जवाब देने को तैयार हैं।

चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में 4 मई के बाद से संख्या बढ़ानी शुरू की थी और 10 हजार से अधिक सैनिक तोपों, हथियारों और साजो-सामान के साथ जमा हो चुक हैं। सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया- पैंगोंग त्सो झील के साथ फिंगर इलाके में चीनी लगातार सैन्य गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। वे सैनिकों की संख्या बढ़ा रहे हैं और कंस्ट्रक्शन में भी जुटे हैं।
भारत का इलाका फिंगर 8 तक है, लेकिन चाइनीज आर्मी मौजूदा तनातनी के बाद भारतीय सैनिकों को फिंगर 4 से आगे जाने पर रोक रही है। चीन आक्रामक तरीके से नये इलाकों पर दावा करते हुए फिंगर एरिया को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है। सूत्रों ने बताया कि गलवान नदी के इलाके में जहां 15 जून की घटना हुई थी, चीनी सैनिकों ने फिर कुछ स्ट्रक्चर बना लिये हैं।

पेट्रोलिंग पॉइंट के पास 15-16 जून की रात की घटना के बाद जिस पोस्ट जैसे ढांचे को भारतीय सैनिकों ने उखाड़ फेंका था, उसे फिर बना लिया गया है। पीपी-15, पीपी-17 और पीपी17-ए पर भारतीय सैनिक भी डटे हुये हैं। दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के पीछे चाइनीज पीपी-10 और पीपी-13 पर भारतीय सैनिकों की पट्रोलिंग रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
चीन ने होटन और गर गुन्सा इलाके के अपने एयरबेस पर बड़ी संख्या में एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों को तैनात किया है, जिनमें रूस निर्मित SU-30 भी शामिल हैं। सिक्यॉरिटी एजेंसियों ने यह भी बताया है कि चीन ने रूस से लिए लॉन्ग रेंज एयर डिफेंस सिस्टम को भी तैनात कर दिया है।
न्यूज एजेंसी एएफपी ने खबर दी है कि दोनों देशों में भले ही बातचीत चल रही हो लेकिन जमीन पर स्थिति बदली नहीं है। गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की मौजूदगी के बीच बुधवार को भारत ने भी ताकत दिखाई और लड़ाकू विमान पहाड़ों के ऊपर गरजते रहे। चीनी सैनिकों का जमावड़ा बढ़ने के बाद भारत ने भी सैनिकों और हथियारों को यहां बढ़ा लिया है।

भारतीय सेना के उत्तरी कमांड के एक अधिकारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा- इस इलाके में अब हमारी अच्छी मौजूदगी है। लेह निवासी और सेना के रिटायर्ड कैप्टन ताशी छेपल ने कहा कि पाकिस्तान और चीन से सटे इस इलाके में सेना की मूवमेंट अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा- मैं पहले कभी इस तरह की मिलिट्री मूवमेंट नहीं देखी थी।

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