पिछले पांच साल में आत्मह’त्या करने वाले किसानों के परिवार को आंध्र प्रदेश सरकार देगी 7 लाख रूपये की सहायता

New Delhi: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार एक बड़ा ऐलान किया। जगन ने 2014 और 2019 के बीच आत्मह’त्या करने वाले किसानों के परिजनों को 7 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

जगन रेड्डी द्वारा इस संबंध में घोषणा सचिवालय में जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए की। किसानों की शिकायतों की पहचान करने के लिए एक कार्यक्रम स्पंदना चलाया है। इसकी प्रगति की समीक्षा करने के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में जगन रेड्डी ने ये घोषणा की।

जगन रेड्डी ने निर्देश दिया कि 2014 और 2019 के बीच आत्मह’त्या करने वाले किसानों में से प्रत्येक के परिवार को 7 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए एक कानून बनाएगी की योजना का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।

कानून यह सुनिश्चित करेगा कि आत्मह’त्या करने वाले पीड़ित के परिवार के अलावा कोई अन्य व्यक्ति पैसे का दावा न कर सके। जिला अप’राध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए  मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में चंद्रबाबू नायडू के शासनकाल में 1,513 किसानों ने आत्मह’त्या की है। लेकिन, नायडू सरकार ने केवल 391 परिवारों को ही सहायता राशि का भुगतान किया था।

यह स्पष्ट है कि पिछली सरकार किसानों के बचाव में आगे आने में बुरी तरह विफल रही थी। जगन ने कहा कि उनकी सरकार उन किसानों के परिवारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्हें संकट से आत्मह’त्या करनी पड़ी थी।

उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के अधिकारी डेटा की जांच करने को कहा। यह भी कहा गया कि यदि कोई परिवार मुआवजा पाने के योग्य है तो तुरंत उस परिवार को  पैसा दिया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय विधायकों को विश्वास में लेने और कार्यक्रम को लागू करने के लिए भी कहा।