कर्नाटक : धरने पर बैठी भाजपा विधायकों के लिए खाने का इंतजाम कर रही कांग्रेस

New Delhi: कर्नाटक में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री ने धरना दे रहे भाजपा विधायकों के लिए खाने का इंतजाम किया। जी परमेस्वर ने बताया कि यह हमारा कर्तव्य बनता था कि धरना दे रहे भाजपा के साथियों के लिए हम भोजन और अन्य चीजों का इंतजाम करें। उनमें से कुछ को मधुमेह और बीपी है, इसीलिए हमने यहां सब कुछ व्यवस्थित किया है। राजनीति से ऊपर हम दोस्त हैं। हम जो राजनीति कर रहे हैं यह लोकतंत्र की सुंदरता है।

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को कल यानी गुरुवार को बहुमत साबित करना था। कल विधानससभा में कुमारस्वामी ने बहुमत नहीं साबित किया। फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर भाजपा के नेता विधानसभा के अंदर धरने पर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि सरकार अपना बहुमत खो चुकी है। कुमारस्वामी बहुमत साबित करने के बजाय मुद्दे को भटका रहे हैं। वे जब तक बहुमत नहीं साबित कर देते हम सब यहीं धरना देते रहेंगे।

कल रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा बेंगलुरु में विधान सौध में सोये। उनके साथ ही राज्य के भाजपा विधायक फ्लोर टेस्ट की अपनी मांग को लेकर विधानसभा में रात भर ‘धरना’ पर हैं। राज्यपाल वजुभाई वाला ने सीएम एचडी कुमारस्वामी को पत्र लिखकर आज दोपहर 1:30 बजे तक सदन में बहुमत साबित करने को कहा है।

येदियुरप्पा ने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाये थे। लेकिन स्पीकर ने कहा कि सीएम ने प्रस्ताव लाया है। कांग्रेस-जेडीएस को मिलाकर आज 98 विधायक थे, भाजपा 105 थी। लोकतंत्र आज क्षतिग्रस्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि 15 विधायक तय कर सकते हैं कि उन्हें सत्र में आना है या नहीं।

कर्नाटक विधानसभा में 224 सदस्य हैं। 16 विधायकों के इस्तीफे की बाद यह संख्या 208 की हो जायेगी। फिर किसी भी पार्टी को बहुमत साबित करने के लिए 105 विधायकों की जरुरत होगी। अगर स्पीकर इनके इस्तीफे को स्वीकार कर लेते हैं तो भारतीय जनता पार्टी बड़ी आसानी से बहुमत साबित कर पाने में सफल रहेगी। भारतीय जनता पार्टी के पास अभी 105 विधायक हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही फैसला सुना चुकी है कि 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। बागी विधायकों को कोर्ट से बड़ी राहत मिला। कोर्ट के फैसले ले अनुसार बागी विधायकों को विश्वास मत के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।