HSSC ने दी सरकारी भर्तियों में राहत, नहीं दिखाना पड़ेगा मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रमाण पत्र

New Delhi: हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने सरकारी भर्तियों में राहत दी है। पांच अंक पाने के लिए एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट से बने प्रमाण पत्र की शर्त खत्म कर दी गई है। आवेदकों को अब पहले की तरह केवल स्व-सत्यापित प्रमाण पत्र देना होगा। इस प्रमाण पत्र में यह उल्लेख होना चाहिए कि उनके परिवार में से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है।

पुलिस, ग्राम सचिव और कैनाल पटवारी आदि के लिए सरकार ने 10 हजार पदों की भर्ती निकाली है। कर्मचारी चयन आयोग ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट से बने प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया था। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट से बने प्रमाण पत्र को पेश करने वाले आवेदक को ही पांच अंक मिलेंगे, ऐसा कहा गया था।

कर्मचारी चयन आयोग की इस शर्त ने आवेदकों के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। आवेदकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। युवाओं की इस बढ़ती भीड़ ने खूब हंगा’मे किए थेे। इन हंगा’मों को देखते हुए आयोग ने अपना फैसला बदल दिया और वापस अपने पुराने नियम लागू कर दिए। प्रमाण पत्र बनाने के चक्कर में दो दिन से तहसीलों और सचिवालयों में लंबी लाइन लग रही थी। कई जगहों पर बिना टोकन लिए केंद्रों में घुसने की घटनाएं सामने आ रहीं थीं। युवाओं की इस भीड़ और धक्का’मुक्की को रोकने के लिए पुलिस को भी आना पड़ गया। खासी मशक्कत के बाद इस बे’काबू भीड़ को संभाला गया था।

दस रुपये का स्टांप पेपर सौ रुपये तक में बिका और फोटो कॉपी की कीमत में भी उछाल होने लगा। कई जगहों पर कागजात की एक फोटो कॉपी के दस-दस रुपये वसूले गए। दस रुपये का स्टांप पेपर 50-100 रुपये तक में बेचा गया। कई जगहों पर फर्जीवाड़ा भी हुआ। कहीं तहसीलदार की फर्जी मुहर भी लगाई गई तो कहीं दूसरे की जगह पर खुद का प्रमाण पत्र बनाने की शिकायत भी सामने आई।