देश के एक बेरोजगार इंजीनियर ने बनाया थ’प्पड़ पकड़ने का सेंसर, केजरीवाल हो सकते हैं पहले खरीदार

New Delhi: देश में बेरोजगारी का मुद्दा तो दश्कों पुराना है और आज के समय में बेरोजगारी और इंजीनियरिंग तो एक दूसरे के पूरक ही हो गए है। बेरोजगारी पर लिखने पर ऐसा लगता है कि जैसे आप इंजीनियरों पर लिख रहे हो। आज के समय में इंजीनियरिंग करके नौकरी पाना उतना ही कठिन है  जितना नेताओं द्वारा अपने चुनावी वादों को पूरा करना।  एक समय था जब हर बाप अपने बच्चे को देख कर  कहता था कि मेरा बेटा इंजीनियर बनेगा, पर 3 इडियट्स के बाद उसमें भी गि’रावट दर्ज की गई है। पर देश के एक  बेरोजगार इंजीनियर ने एक ऐसा डिवाइस बनाया है जिससे देश के  बेरोजगार इंजीनियरों का  पुराना रूतबा फिर से वापस आ सकता है।

फेकमेल के खबर के अनुसार देश के एक बेरोजगार इंजीनियर ने थ’प्पड़ पकड़ने वाला सेंसर डिवाइस बनाया है, जिससे अगर कोई आपको थ’प्पड़ मा’रने के इरादे से  पास आएगा, तो यह सेंसर उसके इरोदों को भाप कर अपको पहले ही आ’गाह कर देगा। फेकमेल ने यह भी कहा है कि आप नेता अरविंद केजरीवाल इस डिवाइस के पहले खरिदार हो सकते है। इस खोज से आप नेताओं में भी खुशी का माहौल है क्योंकि थ’प्पड़ से आप नेता सबसे ज्यादा पी’ड़ित थे।

अपने बेरोजगार साथी के इस खोज पर देश के अन्य इंजीनियरों ने भी खुशी जताई है। देश के इंनजीनिरों ने कहा कि इस डिवाइस कि हमें सबसे ज्यादा जरूर थी क्योंकि हमें पापा से भी मिलना होता था पर अब उनसे मिलने में कोई डर नहीं । अपने स्टूडेंट के इस खोज पर गोलगोटीया इंजीनियरिंग कॉलेज ने भी खुशी का इजहार किया है। अपना नाम न बताने के शर्त पर वहां के टीचर ने बताया कि उस छात्र को यह अविष्कार तो करना ही था क्योंकि इस कॉलेज में सबसे ज्यदा थ’प्पड़ खाने वाला छात्र भी वही था। उसको तो उधारी न चुकाने पर कॉलेज के कैंटीन वालों ने भी थ’पड़ मा’रा था और प्यार के चक्कर  में तो न जाने कितने बार थ’प्पड़ ….हम उनसे फोन पर बात कर रही रहे थे कि एक थ’प्पड़ की आवाज आई और फोन कट गया।

नोट : इस कंटेंट का उद्देश्य ह्यूमर है। किसी व्यक्ति विशेष का मज़ाक़ उड़ाना नहीं।