मिशन चंद्रयान-2 सफल बनाने वाले इसरो अध्यक्ष के सिवन को मिला अब्दुल कलाम पुरस्कार

New Delhi : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने के पलानीस्वामी गुरुवार को इसरो के अध्यक्ष के सिवन को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम पुरस्कार से सम्मानित किया। तमिलनाडु सरकार ने पहले के सिवन को यह पुरस्कार 73 वे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देने का फैसला किया था। लेकिन किसी कारणों से यह उस दिन संभव नहीं हो पाया था।

गुरुवार को इसरो प्रमुख ने तमिलनाडु सचिवालय में मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से मुलाकात की जहां उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार में के सिवन को आठ ग्राम स्वर्ण पदक, पांच लाख रुपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया गया। आपको बता दें डॉ अब्दुल कलाम आज़ाद पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने वैज्ञानिक विकास, मानविकी और छात्रों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य किया हो। 2015 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के निधन के बाद, दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता ने उनके नाम पर एक पुरस्कार देने की घोषणा की थी।

डॉ के सिवन बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद,वह इसरो में शामिल हो गए। इसके अलावा के सिवान को डॉ विक्रम साराभाई रिसर्च अवार्ड (1999) सहित कई पुरस्कार मिल चुके है। चंद्रयान 2 मिशन की सफलता के पीछे अगर किसी को सबसे अधिक श्रेय जाता है, तो वो हैं इसरो के प्रमुख के सीवान। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में एक स्थानीय परिवार में पैदा हुए, एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले एक किसान के बेटे आज भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के प्रमुख के रूप में पदभार संभाल रहे हैं।

इससे पहले के सीवान DRDO के प्रमुख का कार्यभार संभाल रहे थे। इन्ही की अगुवाई में चंद्रयान 2 मीशन का सफल लॉंच संभव हो पाया है। जिस प्रकार से इन्होने ISRO प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद इन्होने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र का नेतृत्व किया है वो काबिले तारीफ है। इनके प्रयासों से आज भारत का सिर विश्व के सामने गर्व से ऊंचा हो गया है।

कन्याकुमारी जिले के तरक्कानविल्लई के मूल निवासी कैलासादिवु सिवन अपने परिवार में पहले स्नातक हैं। उनके चाचा ए शनमुगवेल ने कहा, “सिवान एक बहुत ही साधारण परिवार से है। उनके पिता एक किसान थे। उन्होंने कहा कि परिवार में पहला स्नातक है। ”