IPS प्रीति के नाम से ही कांपते हैं डकैत..कई कुख्यात डकैतों को लगा चुकी हैं ठिकाने

New Delhi :  लेडी सिंघम के नाम से मशहूर करौली की एसपी प्रीति चंद्रा के तेवरों के आगे चंबल के बीहड़ों में डकैत एक के बाद एक सरेंडर कर रहे हैं। बीहड़ और दस्यु समस्या के कारण जिस जिले में कोई एसपी जाना नहीं चाहता, उसी जिले के डांग क्षेत्र में आईपीएस प्रीति चंद्रा महज ढाई महीने में सात से ज्यादा डकैतों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।

अवैध खनन के लिए कुख्यात बीहड़ के जंगलों में डकैतों के खिलाफ चलाए गए हर ऑपरेशन में महिला आइपीएस खुद मोर्चा संभालती है। दो दिन पहले कुख्यात बीहड़ में दस हजार के ईनामी कुख्यात डकैत हरिया को पकड़ने के दौरान उसने तो टीम पर 12 बोर की बंदूक तान दी थी और बीहड़ में भागने लगा था। मगर रणनीति के तहत एक टीम डकैत के पीछे की ओर पहले ही भेज दी थी जिसने हथियारों से लैस डकैत को दबोच लिया गया।

मूल रूप से राजस्थान के सीकर की रहने वाली प्रीति चंद्रा 2008 बैच की आईपीएस है और दूसरी बार जिले की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले वर्ष 2012 से 2013 में बूंदी एसपी रह चुकी हैं। सप्ताह में एक बार ये एसपी बीहड़ में कैंप करती हैं। 9 जनवरी को ज्वॉइन करते ही सबसे पहले बीहड़ और वे इलाके देखे जहां अक्सर डकैतों की आवाजाही होती है। घने जंगलों के बीच मोबाइल नेटवर्क भी नहीं रहता। डकैत भी गांवों में वेश बदलकर टोह लेने आते हैं। ऐसे में पुलिसकर्मी भी गांवों में और कैला देवी के आसपास वेश बदलकर डकैतों की टोह लेते हैं।

2008 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीति चंद्रा जयपुर मेट्रो कॉर्पोरेशन के पुलिस उपायुक्त के पद से जनवरी 2019 को करौली लाया गया था। प्रीत‍ि ने अजय सिंह का स्थान लिया था। प्रीति चंद्रा ने बूंदी में देह व्यापार में बच्चियों को धकेलने वाले गिरोह का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों तक पहुंचाया। यह मामला प्रदेश में कई दिनों तक चर्चा का विषय रहा था।

प्रीति चंद्रा का जन्म सीकर जिले के कुंदन गांव में 1979 में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता रामचंद्र सुंडा सेना में रह चुके हैं। रामचंद्र सुंडा ने बेटी प्रीति के बारे में एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है कि उसने 2008 में बिना कोचिंग किए ही पहली बार में UPSC परीक्षा पास की थी।