बचपन में मां ने कहा था बेटी किरण बेदी ही बनना..बेटी ने IPS बनकर पूरा किया मां का सपना

New Delhi : बचपन में मां ने कहा था बेटी तू तो किरण बेदी ही बनना। मां ने एक बार बताया, तो बेटी की जुबां ये चढ़ा शब्द उसके लिए जुनून बन गया। वो खुद को किरण बेदी की किरदार में पलने लगी, लेकिन ये तब की बात है, जब ना तो वर्दी की अहमियत मालूम थी और ना IPS की चुनौतियों का अहसास था।

उस बेटी का नाम है अंकिता शर्मा। 2018 बैच की छत्तीसगढ़ की इस बेटी ने IPS बनकर ना सिर्फ मां का सपना पूरा किया है बल्कि वो IPS बनकर वो नया रिकार्ड बना रही है। अंकिता होम कैडर पाने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला IPS बनी। अंकिता बताती हैं कि देखिये ! हम भारतीय पुलिस सेवा की अफसर है। जहां मौका मिलता, वहां सेवा करते, लेकिन पर खुशकिस्मति है, मुझे अपनी माटी-अपनी जमीं में काम करने का मौका मिल रहा है।

अंकिता बताती है कि बस्तर तो कभी गयी तो नहीं। पर तमन्ना मेरी यही है कि जब भी पोस्टिंग मिले, पहली पोस्टिंग बस्तर-दंतेवाड़ा में ही मिले। वो कहती है कि वर्दी और वर्दी पर लगा अशोक स्तंभ हमेशा उन्हें आकर्षित करता है। अभी IPS की यूनिफार्म पहनी तो नहीं है, लेकिन जब पिछले दिनों ही पहली बार ट्रायल के दौरान वर्दी पहनने को मिली, तो खुशी के मारे उनकी आंखें छलक गयी। वो कहती है। सच कहूं तो, वर्दी पहनते ही गजब का आत्मविश्वास आता है और हिम्मत भी, जिम्मेदारियों का अहसास तो होता ही है, मैंने जब ट्रायल के दौरान वर्दी पहनी तो मेरी आंखों में आंसू आ गये। ये पूछने पर कि आपके कई दोस्त तो IPS मिलने के बाद प्रीपेशन लिव पर चले गये, आपने IPS को चुन लिया। वो कहती है- ऐसा इसलिए, क्योंकि यही मेरा सपना था, मैंने इसी सपने के साथ तैयारी की, इसी सपने के साथ पढ़ाई की, और जब मुझे तो मेरा सपना मिल गया, तो फिर दूसरे सपने के पीछे मैं नहीं भागी।

जुनूनी अंकिता की एक और खास बात ये है कि उन्हें UPSC में कामयाबी शादी के बाद मिली। पति भी आर्मी में है। अंकिता अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पति से मिले संबल और सहयोग को भी देती है। वो कहती है कि वो देश सेवा में हैं और मैं भी।