मेट्रो परियोजनाओं में हाथ आजमा सकता है भारतीय रेलवे, शहरी विकास मंत्रालय के सामने रखा प्रस्ताव

भारतीय रेल जल्द ही मेट्रो परियोजनाओं में हाथ आजमा सकता है। रेलवे के अनुसार उसमें मेट्रो के कोचों के निर्माण सहित मेट्रो की पूरी परियोजना को कम लागत में बनाने की क्षमता रखता है। वैसे भी भारतीय रेलवे उच्चस्तरीय रेल कोच का निर्माण करना शुरू कर दिया है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने  ट्रेन 18 को स्वदेशी तकनीक से बनाया है।

भारतीय रेलवे नागपुर, हैदराबाद सहित कुछ शहरों में मेट्रो परियोजना को परिचालन करना चाहती है। इस संबंध में रेलवे ने शहरी विकास मंत्रालय से बातचीत की है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि यह बातचीत रचनात्मक रूप से चल रही है। भारतीय रेलवे ने प्रस्ताव किया है कि रेल मामलों में विशेषज्ञता होने के कारण मेट्रो रेल परियोजनाओं को वह ठीक ढंग से और कम लागत में परिचालन कर सकती है। रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री में एल्युमिनियम के कोचों के निर्माण की सुविधा है। इस धातु के उपयोग से कोच की आयु बढ़ती है और रखरखाव की जरूरत भी कम होती है। वजन कम होने से ट्रैक पर बोझ कम रहता है और तेज गति से चल सकता है।

मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली

रेल अधिकारी के अनुसार मॉडर्न कोच फैक्ट्री में मेट्रो के कोच बनाने का काम भी शुरू होने वाला है। रायबरेली में मेट्रो कोचों के ट्रायल के लिए करीब एक किलोमीटर लंबा परीक्षण ट्रैक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाहर से खरीदा जाने वाला आमतौर पर मेट्रो का एक कोच करीब दस करोड़ रुपये का पड़ता है लेकिन भारतीय रेलवे ने 25 से 30 प्रतिशत कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाले मेट्रो कोचों की आपूर्ति करने का प्रस्ताव किया है। इस प्रकार से सात से साढ़े सात करोड़ की लागत में बेहतर मेट्रो कोच भारतीय रेलवे देगा।

बता दें कि रेलवे कोलकाता में देश की पहली मेट्रो रेल परियोजना का संचालन करती है और उसकी लागत भी काफी कम है। कोलकाता मेट्रो 1984 में आरंभ हुई थी जबकि दिल्ली मेट्रो 2002 में शुरू हुई थी। देश में इस समय करीब 20 शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है और लगभग 35 शहरों में मेट्रो रेल शुरू करने की योजना है।