अटल से लेकर करुणानिधि तक, इन 5 दिग्गज नेताओं ने साल 2018 में दुनिया को कहा अलविदा

New Delhi: साल 2018 के विदा होने में कुछ ही दिन बचे हैं और जल्द ही हम नए साल 2019 में प्रवेश करने वाले हैं। साल 2018 किसी के लिए ढ़ेरों खुशिया लेकर आया तो किसी के लिए कभी न भूलने वाला गम। साल 2018 में भारतीय राजनीति के 5 बड़े सूरज हमेशा हमेशा के लिए अस्त हो गए।

दरअसल साल 2018 में देश के कई बड़े दिग्गज नेताओं ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कुछ नेताओं के जाने से उनका पार्टी को तो नुकसान हुआ ही है देश ने भी एक अनुभवी और लोकप्रिय नेता खोया है। आईए बताते हैं उन बड़े नेताओं के बारे में जिन्होंने इस साल दुनिया को अलविदा कह दिया। ये सभी नेता भारतीय राजनीति के इतिहास में हमेशा अमर रहेंगे-

अटल बिहारी वाजपेयी-

भारतीय राजनीति के अजातशत्रु और करिश्माई नेता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी लंबी बीमारी के बाद दि्ल्ली के एम्स अस्पताल में 16 अगस्त 2108 को 93 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक कुशल राजनेता होने के साथ एक शानदार वक्ता और लोकप्रिय कवि भी थे। उनकी लिखी कविताएं आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संकट के कई अवसरों पर भारत का नेतृत्व किया था। उन्होंने देश में समावेशी राजनीति को आगे बढाते हुए बखूबी गठबंधन की सरकार चलाई थी। भारत रत्न अटल जी एक पत्रकार भी थे। भारतीय जनसंघ की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। अटल जी ने लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य वीर अर्जुन जैसे पत्र पत्रिकाओं का संपादन किया। अटल जी हर भारतीय के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे।

एम करुणानिधि-

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम करुणानिधि का इसी वर्ष सात अगस्त को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में निधन हो गया था। करुणानिधि 94 वर्ष के थे।

करुणानिधि के समर्थक काफी तादात में अस्पताल के बाहर जुटे हुए थे, और उनकी सलामती के लिए दुआएं कर रहे थे। लेकिन उनकी जाने की खबर सुनते ही सर्मथक शोक में डूब गए थे। करुणानिधि हमेशा ही हिंदूवादी संगठनों के खिलाफ विचार धारा रखे थे।

Politicians

एनडी तिवारी

इसी वर्ष 18 अक्टूबर को नारायण दत्त (एन.डी) तिवारी का दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया था। एनडी तिवारी 92 साल के थे।

एनडी तिवारी इकलौते ऐसे शख्स थे जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री बने थे। एनडी तिवारी 3 बार उत्तर प्रदेश और 1 बार उत्तराखंड के सीएम पद पर रहे थे। इसके अलावा तिवारी आंध्र प्रदेश के गवर्नर भी रहे चुके हैं, और वे केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं।

अनंत कुमार

इसी वर्ष बेंगलुरु में 12 नवंबर को केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन हो गया था। अनंत कुमार 59 वर्ष के थे। अनंत कुमार के निधन से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लगा।

अनंत कुमार के निधन के बाद कर्नाटक में तीन दिनों का शोक घोषित किया गया था। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। अनंत कुमार पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने युनाइटेड नेशन्स (यूएन) में कन्नड़ में भाषण दिया था।

सी.के.जाफर शरीफ

इसी वर्ष 25 नवंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सी के जाफर शरीफ का एक अस्पताल में निधन हो गया था। सी के जाफर शरीफ 85 साल के थे।

बताया जाता है कि सी के जाफर शरीफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में एक थे, और वह भारत के सबसे सफल रेल मंत्री भी रहे। सी के जाफर शरीफ का समुदायों के साथ एक व्यापक संपर्क था और वह एक सच्चे धर्म निरपेक्ष नेता थे।