नेतन्याहू ने निभाई मोदी से दोस्ती: 14 सितंबर को इजरायल से भारत आएगी स्पाइस-2000 बमों की नई खेप

NEW DELHI: भारतीय वायुसेना को अगले महीने इजराइल के स्पाइस-2000 ब’मों की नई खेप मिलेगी। नए ब’मों को इ’मारत ध्व’स्त करने वाला (बिल्डिंग ब्ला’स्टर) वर्जन बताया जा रहा है। 26 फरवरी को स्पाइस-2000 बमों से ही वायुसेना ने सर्जिकल स्ट्राइक में मुजफ्फराबाद, चकोटी और बालाकोट में आ’तंकी ठिकानों को न’ष्ट किया था।

वायुसेना के अफसर ने न्यूज एजेंसी को बताया, स्पाइस-2000 ब’म सितंबर के मध्य तक हमें मिल जाएंगे, कहा जा रहा है कि 14 सितंबर तक ये भारत आ सकते हैं। इसके साथ मार्क 84 वारहेड भी मिलेगा। स्पाइस-2000 ब’म बिल्डिंग को पूरी तरह ख’त्म करने में कारगर साबित होगा। अगले महीने ही इजराइल के प्र’धानमं’त्री बेंजामिन नेतन्याहू भी द्विपक्षीय बातचीत के लिए भारत दौरे पर आ सकते हैं। ब’मों की सप्लाई भी इसी दौरान हो सकती है।

इसी साल जून में भारतीय वायुसेना ने इजरायल के साथ आपात व्यवस्था (इमरजेंसी पावर्स) के तहत 100 स्पाइस-2000 ब’मों का समझौता किया था। बा’लाको’ट स्ट्राइक के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आ’तंकी ठिकानों को ने’स्तना’बूद करने में ये ब’म कामयाब रहे थे। भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 ल’ड़ाकू वि’मानों से स्पा’इस ब’म आ’तंकी ठिकानों पर गिराए थे।

इमरजेंसी पावर्स के तहत, तीनों सेनाएं (जल, थल और नभ) किसी भी चु’नौती से नि’पटने के लिए 300 क’रोड़ रुपए के उपकरण खरीद सकती हैं। बा’लाकोट ए’यर स्ट्रा’इक में जिन स्पा’इस ब’मों का इस्तेमाल हुआ, वे पे’नीट्रे’टर वर्जन के थे।

ये ब’म इमारत की छत पर छेद करते हुए अंदर जाता है। इससे बिल्डिंग नहीं गि’रती लेकिन यह अंदर मौजूद लोगों (आ’तंकियों) को मा”र गि’राता है। यह ब’म 70-80 कि’लो वि’स्फोटक ले जा’ने में स’क्षम है। 14 फरवरी को कश्मीर के पु’लवा’मा में फि’दायी’न ह’मले में सी’आर’पीए’फ के 40 जवान श’हीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी बालाकोट एयर स्ट्रा’इ’क को अं’जा’म दिया था।