अंतरिक्ष में जाएंगे भारतीय वायु सेना के जवान

New Delhi: भारतीय वायु सेना के जवान जल्द ही हमें अंतरिक्ष यात्री बनकर अंतरिक्ष में जाते में दिखेंगे और ये हमें भारत के प्रतिष्ठित मिशन गंगनयान में देखने को मिलेगा। भारतीय वायु सेना (IAF) ने कहा कि उसने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ मंगलवार को देश की पहली  मिशन गंगायान के लिए चालक दल के चयन और प्रशिक्षण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए है।

आज भारतीय वायु सेना ने प्रतिष्ठित  गगनयान कार्यक्रम के लिए चालक दल के चयन और प्रशिक्षण के लिए इसरो के साथ समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है। भारतीय वायु सेना  ने एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी। भारत के प्रतिष्ठित  गगनयान कार्यक्रम को 2021 तक लॉन्च करने का लक्ष्य जिसमें तीन सदस्यीय चालक दल अंतरिक्ष में न्यूनतम सात दिन बिताएगा। मानव-रेटेड जीएसएलवी एमके-एलएल का उपयोग कक्षीय मॉड्यूल को ले जाने के लिए किया जाएगा, जिसमें मिशन की अवधि के लिए तीन सदस्यीय चालक दल को बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रावधान होंगे।

कार्यक्रम का सफल बनाने  के लिए और चालक दल के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक बुनियादी सेवाओं जैसो ढाँचा, उड़ान प्रणाली और जमीनी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इसरो  के इस प्रतिष्ठित मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय एजेंसियों, प्रयोगशालाओं, शिक्षा और उद्योग के साथ बड़े पैमाने पर सहयोग कर रहा है।

लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गगनयान की घोषणा की गई थी। मिशन की लागत 10,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है, यह मिशन  दिसंबर 2021 में लॉन्च होने की उम्मीद है और इसे पिछले साल दिसंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हरी झंडी दिखाया गया था।