महिला इंस्पेक्टर को हुआ शहर के आम आदमी से प्यार, रोज घर आने लगी-फिर वो हुआ जिसकी उम्मीद नहीं थी

महिला इंस्पेक्टर को हुआ शहर के आम आदमी से प्यार, रोज घर आने लगी-फिर वो हुआ जिसकी उम्मीद नहीं थी

By: Ravi Raj
September 14, 05:17
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New Delhi : झारखंड के हजारीबाग में सामने आए खौफनाक अनु पाठक मर्डर केस में बेटी कृति पाठक ने एक महिला पुलिसकर्मी को अपनी मां की हत्या की जिम्मेदार बताया है।

उसके मुताबिक महिला पुलिस इंस्पेक्टर उसके घर पर आती थी। रुकती भी थी। पापा के साथ राजस्थान भी गई थी। मेरे घर के किचन में भी जाती थी और आज सब छुपा रही है। अन्नु की बेटी कृति के बयान पर उसके पिता विनोद पाठक को नामजद बनाया गया है। बयान में आए नाम के आधार पर पुलिस ने बुधवार दोपहर में पीटीसी की पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।


इंस्पेक्टर बोली- विनोद पाठक से कामकाजी रिश्ते रहे हैं : 

हिरासत में ली गई महिला पुलिस अफसर मंजू ठाकुर का कहना है कि इस घटना से उसका कोई लेना देना नहीं है। विनोद पाठक से कामकाजी रिश्ते रहे हैं। मृतका की बेटी कृति बेवजह फंसा रही है। विनोद पाठक से 2013 में पतंजलि योग पीठ के जरिए परिचय बना। हम भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़ कर काम करते रहे। दोनों ने पार्टनरशिप में मटवारी में ऑफिस और दुकान खोला। हम कंपनी की ओर से राजस्थान टूर में गए थे। तब विनोद भी साथ थे। जबकि, थाने में पुलिस की मौजूदगी में काउंटर डिस्कशन के दौरान कृति ने महिला पुलिसकर्मी से कही कि तुम मम्मी की हत्या की जिम्मेदार हो।

अनु पाठक दरअसल विनोद पाठक की दूसरी पत्नी थी " 
पुलिस के मुताबिक, अनु पाठक दरअसल विनोद पाठक की दूसरी पत्नी थी। उसकी पहली पत्नी कहां गई इसकी जानकारी बच्चों को नहीं है। वह रांची में सीएमपीडीआई में जब काम कर रहा था तब अनु की मां भी वहीं काम करती थी। अनु मेस चलाती थी साथ ही ब्यूटी पार्लर भी खोल रखा थी। इसके पहले भी दोनों में विवाद हुआ करता था। जिसमें दो बार पुलिस भी जांच में पहुंची थी। विनोद पाठक का मोबाइल 20 जनवरी से ही बंद है। सारे संदिग्ध नंबर का सीडीआर निकाला जा रहा है। जिसमें कुछ डिटेल मिले भी हैं।

मृतका का भाई बातचीत को बीच छोड़ निकल गया : 

अनु पाठक का भाई बमबम झा भुवनेश्वर में रहता है। वह जब पहुंचा तब शव का पोस्टमार्टम किया गया। उसने मामले पर कहा कि मेरी तीन बहनों में अनु सबसे छोटी थी। उसका और विनोद का आपस में विवाद होता रहता था, लेकिन हालात यहां तक पहुंच जाएंगे, इसकी उम्मीद नहीं थी। इसी बीच शहर का एक अनजान शख्स सामने आया और बमबम को अपनी मोटरसाइकिल में बैठा कर यह कहते हुए साथ ले गया कि मीडिया से कुछ भी कहना नहीं है।

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