उपसभापति चुनाव में हार के बाद कांग्रेस का केजरीवाल पर हमला,अवसरवाद से राजनीति नहीं की जा सकती

उपसभापति चुनाव में हार के बाद कांग्रेस का केजरीवाल पर हमला,अवसरवाद से राजनीति नहीं की जा सकती

By: Manish Mishra
August 09, 15:00
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New Delhi: राज्यसभा में उपसभापति चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है।

कांग्रेस की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उप सभापति चुनावों का बहिष्कार कर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की मदद की है। आज के मतदान से आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों ने बहिष्कार कर न सिर्फ विपक्ष के आंकड़ों को कम कर दिया बल्कि बहुमत की संख्या को कम करके करके सरकार की मदद भी की है। 

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट किया, आम आदमी पार्टी कहती है, राजनीति अहंकार पर नहीं चलती है। बिल्कुल! यही कारण है कि अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की मदद करते हुए राज्यसभा में मतदान से दूर रहने का फैसला किया। बता दें कि आप ने पहले कांग्रेस के उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया था। लेकिन राहुल गांधी के फोन नहीं करने से नाराज आप ने मतदान का बहिष्कार करने का फैसला किया। 

आप आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी नरेंद्र मोदी को गले लगा सकते हैं तो क्या वह अरविंद केजरीवाल को समर्थन हासिल करने के लिए फोन नहीं कर सकते हैं। वहीं इसको लेकर कांग्रेस का कहना है कि उसके तीन बड़े नेताओं गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अहमद पटेल ने केजरीवाल को फोन किया था लेकिन वह राहुल गांध से फोन पर बात करना चाहते थे। 

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राहुल गांधी को ऐसे इंसान को क्यों फोन करना चाहिए जिसने खुलेआम 2019 के चुनाव में बीजेपी के समर्थन की घोषणा की है। अरविंद केजरीवाल कह चुकें है कि अगर बीजेपी उनकी मांग पूरी करती है तो वह उनका समर्थन करेंगे। यह राजनीतिक विचारधारा की लड़ाई है। अवसरवादिता से राजनीति नहीं की जाती।

दरअसल जून में दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल ने घोषणा की थी कि अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया तो वह 2019 में बीजेपी के लिए प्रचार करने के लिए तैयार हैं। शर्मिष्ठा मुखर्जी अपने ट्वीट में इसी घोषणा का जिक्र कर रही थीं।  कांग्रेस और आप के बीच के तनावपूर्ण संबंध 2011 से ही चले आ रहे हैं। जब आप का गठन नहीं हुआ था।

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