वेंकैया नायडू का एस्तोनिया में हुआ स्वागत, दोनों देशों के बीच साझेदारी पर हुई बात

New Delhi: भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू बाल्टिक देशों का दौरा कर रहे हैं। उनके द्वारा तीन देशों लिथुआनिया, लातविया और एस्तोनिया की पांच दिवसीय यात्रा की जा रही है। यह रविवार को शुरू हुई। तीनों बाल्टिक देशों के लिये भारत से यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा है। बुधवारा को वेकैंया नायडू एस्टोनिया पहुंचे। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और एस्टोनिया के राष्ट्रपति केर्ति कलजुलैद ने तालिन में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेस रखा।

वहां पुर भारत के उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत और एस्टोनिया लोकतंत्र, कानून का शासन, बहुलवाद और स्वतंत्रता जैसे सामान्य मूल्यों पर आधारित एक द्विपक्षीय संबंध साझा करते हैं। उन्होंने आगे कहा हालाँकि, हम मानते हैं कि हमारे राष्ट्रों और हमारी अर्थव्यवस्थाओं के आकार में विषमताएँ हैं, परन्तु भारत और एस्टोनिया दोनों एक दुसरे से जुडे हुए हैं। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और एस्टोनिया की राष्ट्रपति केर्ति कलजुलैद ने तालिन में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेस की।

आपको बता दें कि बाल्टिक देशों के साथ संबंध बढ़ाने के भारत के प्रयास के तहत इससे पहले भारत के उपराष्ट्रपित लातविया पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने लातविया देश के राष्ट्रपति इगिल्स लेवित्स के साथ व्यापक बातचीत की। इस दौरान दोनों देश मंगलवार को द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार करने पर सहमत हुए। उपराष्ट्रपति नायडू ने लातविया के राष्ट्रपति के साथ मीडिया में एक संयुक्त बयान में कहा कि बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने संस्कृति, शिक्षा एवं आर्थिक सहभागिता पर विशेष ध्यान देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय भागीदारी में लोगों के बीच संबंध अहम होता है।

नायडू ने आयुर्वेद, योग, भारतीय संस्कृति, सिनेमा और खान-पान में लातविया के लोगों की अत्यधिक रुचि की प्रशंसा की और कहा कि भारत में भी लातवियाई संस्कृति एवं सिनेमा को लेकर रुचि बढ़ रही है।