बड़ी संख्या में देश छोड़ विदेश में बस रहे हैं भारत के करोड़पति

 

New Delhi : जल्द ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले भारत से करोड़पतियों का पलायन जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक कई करोड़पतियों ने देश को छोड़ के अपना अशियाना कहीं और बनाया है। भारत से पिछले साल की तुलना में इस साल  ज्यादा धनी व्यक्ति बाहर गए हैं।   Global Wealth Migration Review (GWMR) के अनुसार लगभग 5,000 करोड़पति या high-net-worth individuals (HNWIs),वाले व्यक्तियों ने देश छोड़ा, जो करोड़पतियों  के कुल संख्या का 2 प्रतिशत है।

चीन इस सूची में सबसे ऊपर है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पर अमेरिका के साथ ट्रेड वार का असर दिखना शुरु हो गया है। पिछले सप्ताह चीन पर अमेरिका द्वारा ताजा शुल्क लगाने के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए हालात और खराब हो सकते हैं। रूस दुसरे स्थान पर है क्योंकि रूसी अर्थव्यवस्था एम्बार्गो के प्रभाव से जूझ रही है।

पलायन करने वाले करोड़पतियों के लिए पहली पसंद  यूएस और ऑस्ट्रेलिया है। इस रिपोर्ट में  भारत में बढ़ती आर्थिक असमानता पर भी चिंता व्यक्त की गई है, जो काफी तेज गति से आगे बढ़ती हुई दिख रही है।भारत के करोड़पतियों के पास देश की कुल संपत्ति का लगभग आधा हिस्सा है, जबकि दुनिया भर में इस दर का औसत 36 प्रतिशत है और  भारत में यह 48 प्रतिशत है।

 

इन सब के बावजूद भारत की कुल संपत्ति अगले 10 वर्षों में एक अच्छे  दर से बढ़ने की उम्मीद है। GWMR  के अनुसार भारत 2028 तक दुनिया में चौथा सबसे बड़ा  बाजार बनकर,  ब्रिटेन और जर्मनी को इस  मामले में पीछे छोड़ देगा।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगले 10 वर्षों में  भारत के जिन शहरों में यह विकास होगा, वे दिल्ली, बैंगलोर और हैदराबाद हैं। दिल्ली अपनी अच्छी-खासी विविधता वाली अर्थव्यवस्था और कई प्रमुख क्षेत्रों में ताकत के दम पर ऐसा करेगी वहीं  आईटी और आरएंडडी के दम पर  हैदराबाद, बैंगलोर “भारत की फार्मास्युटिकल कैपिटल” होने के आधार पर विकास करेगी।

हालाँकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और चीन से इन करोड़पतियों का बाहर से इन देशों पर कोई खास प्रभाव नही पड़ेगा, क्योंकि दोनों देशों में  नए करोड़पतियों की संख्या तेजी से  बढ़ रही है।

Rajat Kumar

Trainee Copy Editor at Live India
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत-ए-हाल बदलनी चाहिए।
Rajat Kumar