भारत और एस्टोनिया लोकतंत्र के मूल्यों के साथ कभी समझौता नहीं करते हैं: वेंकैया नायडू

New Delhi: एस्टोनिया के साथ भारत के व्यापार और वाणिज्य में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सहमत दिखाई है। एस्टोनियाई राष्ट्रपति केर्स्टी कलजुलैद के साथ व्यापक वार्ता में विशेष रूप से आईटी, ई-गवर्नेंस और साइबर स्पेस के क्षेत्रों के बारे में ध्यान खींचा गया है। नायडू, अपने पांच दिवसीय तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में एस्टोनिया पहुंचे हुए हैं। उपराष्ट्रपति के इस दौरे में लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया थे।

भारत-एस्टोनिया बिजनेस फोरम में नायडू ने कहा कि हम भारतीय कंपनियों को एस्टोनिया में परिचालन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने एस्टोनिया के संदर्भ में कहा कि वह इसे यूरोपीय और नॉर्डिक-बाल्टिक बाजारों के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में देखते हैं। एस्टोनिया में निवेश को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा कि यहां व्यापार के लिए काफी संभावनएं हैं।

दोनों देशों के बीच जारी व्यापारिक संबंधों पर नायडू ने कहा कि समय के साथ भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है। वर्तमान में 172 मिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ यह खड़ा है। हालांकि उन्होंने यह माना है कि द्विपक्षीय निवेश अभी फिलहाल शुरूआती स्तर पर ही है। दोनों देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय, बहुपक्षीय वैश्विक मुद्दों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया है।

एस्टोनिया की अपनी इस यात्रा पर उपराष्ट्रपति काफी उत्साहित नजर आए हैं। एस्टोनिया की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक सफल लोकतंत्र, यूरोपीय संघ का सदस्य और एक राष्ट्र जिसे डिजिटल राज्य के रूप में मान्यता दी गई है। महान तकनीकी उपलब्धियों के लिए एस्टोनिया की पहचान पूरी दुनिया में विकसित हो रही है। भारत और एस्टोनिया के संबंधों पर नायडू ने कहा कि दोनों देश लोकतंत्र, कानून के शासन, बहुलवाद और स्वतंत्रता जैसे सामान्य मूल्यों पर आधारित एक द्विपक्षीय संबंध साझा करते हैं।