4 लाख करोड़ का हुआ भारत का रक्षा बजट, दुनिया के शीर्ष पांच देशों में हुआ शामिल

New Delhi: मोदी सरकार ने अपने दुसरे कार्यकाल का आज पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण  से ये उम्मीद की जा रही थी कि वह आज रक्षा बजट पर बड़ा ऐलान कर सकती है, क्योंकि निर्मला सीतारमण देश की पहली पूर्णकालिक रक्षामंत्री रहते हुए कई अहम खरीद समझौतों को अंजाम दिया था। इस बार वित्त मंत्री ने देश की रक्षा के लिए कुल चार लाख करोड़ का आंवटन किया है

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनिसार सरकार ने रक्षा पेंशन के लिए 1,12,079.57 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं कुल रक्षा आवंटन लगभग 431,010.79 करोड़ रुपये है जो आने वाले वित्त वर्ष के लिए केंद्र सरकार के कुल खर्च का 15.47% है। इस बजट में कुल 3,18,931.22 करोड़ रूपए रक्षा बजट के लिए वित्त वर्ष लिए आवंटित किया गया है। वहीं 2,10,682.42 करोड़ रू, राजस्व व्यय के लिए और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत व्यय 1,08,248.80 करोड़ रू. का आंवटन किया गया है।

इस साल फरवरी में अपना अंतरिम बजट करते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में रक्षा बजट के लिए 2.95 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे जो पिछले साल के 2.74 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.81 फीसदी ज्यादा थे। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रक्षा क्षेत्र के लिये 2 लाख 74 हज़ार करोड़ रुपये आवंटित किये थे। यह कुल बजट राशि का 12.78 प्रतिशत और जीडीपी का 1.56 फीसदी था।

रक्षा क्षेत्र में अममेरिका सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने वाला देश है, अमेरिका का रक्षा बजट 39 लाख करोड़ रुपये का है। अमेरिका के बाद चीन सबसे ज्याद खर्च करने वाला देश है चीन का रक्षा बजट 11.4 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं भारत का रक्षा बजट 4 लाख करोड़ का हो गया  है।

वित्त वर्ष 2016-17 में रक्षा बजट में कुल 9.3 प्रतिशत का इज़ाफा किया गया और यह बढ़ कर 2 लाख 56 हज़ार करोड़ हो गया और 2015-16 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ रक्षा बजट 2 लाख 46 हज़ार करोड़ रुपये किया गया था। मोदी सरकार ने 2014-15 में अपना पहला बजट पेश करते हुए रक्षा बजट को 2 लाख 29 हज़ार करोड़ कर दिया था। रक्षा बजट में यह बढ़ोतरी 10 प्रतिशत की थी।