महादेव के इस मंदिर में शिवलिंग का रंग दिन में तीन बार बदलता है, देखने वाले रह जाते हैं दंग…

देवों के देव महादेव के सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है। वैसे तो ज्यादातर लोगों की भगवान शिव में गहरी आस्था होती ही है लेकिन आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको जानने के बाद आपकी ये आस्था और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। आज हम आपको बताने जा रहे हैं आगरा के राजेश्वर महादेव मंदिर के बारे में, ये मंदिर शमसाबाद रोड राजपुर चुंगी में है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है मंदिर के शिवलिंग का दिन में तीन बार रंग बदलना।

मंदिर का इतिहास भी करता है चमत्कार की ओर इशारा-

यहां के लोग बताते हैं कि ये मंदिर 850 वर्ष पुराना है। इस मंदिर के ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक राजाखेड़ा के एक साहूकार इस चमत्कारी शिवलिंग को नर्मदा नदी से लाए थे। वो शिवलिंग की स्थापना राजाखेड़ा में करना चाहते थे। लेकिन जब वो रात को आराम करने के लिए राजपुर चुंगी में ठहरे, तो उन्हें रात को ये सपना दिखा कि शिवलिंग को यहीं पर स्थापित करें लेकिन उन्होंने सपने पर यकीन नहीं किया।

वो शिवलिंग को बैलगाड़ी पर रखकर चलने को हुए ही थे कि बैलगाड़ी खिंच ही नहीं पा रही थी फिर अचानक शिवलिंग बैलगाड़ी से गिरकर नीचे स्थापित हो गई। लोगों के लाख कोशिश करने के बाद भी शिवलिंग वहां से हिली भी नहीं। इस घटना के बाद उसी जगह पर राजेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करा दिया गया।

 

इन तीनों रंगों में बदलता है शिवलिंग का रंग-

इस चमत्कारी मंदिर का दर्शन करने के लिए भक्त दूर-दूर से यहां आते हैं लोगों में ऐसी मान्यता है कि यहां पर मांगी गई अपने भक्तों की मनोकामना को भगवान जरूर पूरा करते हैं।

सुबह की आरती के समय इस चमत्कारी शिवलिंग का रंग सफेद होता है, वहीं जब दोपहर को आरती की जाती है तो शिवलिंग का रंग बदलकर हल्का नीला हो जाता है। शाम की आरती के समय शिवलिंग का रंग बदलकर गुलाबी हो जाता है।

मंदिर के दर्शन इसलिए भी करें-

सावन के पहले सोमवार में इस मंदिर में एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर की लोगों के बीच इतनी ज्यादा मान्यता है कि सावन के पहले सोमवार पर इस मंदिर में करीबन 300 कांवड और 400 कलश जल चढ़ाया जाता है। अगर आप इस मंदिर में दर्शन करने की योजना बना रहे हैं तो आपको बता दें कि सावन में मंदिर के दरवाजे भक्तों के लिए 4 बजे ही खुल जाते हैं और रात के 10ः30 बजे तक खुले रहते हैं। सावन और नवरात्रों के अवसर पर मंदिर पूरे दिन खुला रहता है। आम दिनों में ये दोपहर के 1 बजे से 3 बजकर 30 मिनट तक के लिए बंद रहता है।