73 साल की उम्र में 500 दुर्लभ पौधों और 1500 बीजों को अपने घर में दे रहे हैं संरक्षण

New Delhi: आज तक आपने बहुत से पर्यावरणविद् और पर्यावरण प्रेमियों के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पर्यावरणविद् के बारे में बताने जा रहे हैं जो 73 साल की उम्र में 500 बहुत ही दुर्लभ हर्बल पौधों का संरक्षण कर रहे हैं सिर्फ इतना ही नहीं उनके घर में 1500 किस्म में बीज भी हैं।

सच में अगर आप में कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र तो क्या कैसी भी बेड़िया आपको बांध नहीं सकती। इस बात को सच साबित कर रहे हैं बी.वेंकटगिरी जो लोगों को हर्बल पौधों के बारे में शिक्षा देने के​ लिए कर्नाटक भर में सफर करते हैं। कई प्रोफेसर, लेक्चरर और छात्र इन हर्बल पौधों के बारे में शिक्षा लेने के​ उनके घर भी आते हैं।

उन्होंने फोरेस्ट डिपार्टमेंट ऑफिस और आयुर्वेदिक कॉलेज के लिए कई हर्बल गार्डन भी बनाए हैं। उन्होंने बताया कि वो पश्चिमी घाटों के जैव जीवन पर बीते 40 सालों से रिसर्च कर रहे हैं। वो अपने घर में विलुप्त हो चुकी प्रजाति के पौधों को इकट्ठा करते रहते हैं और उन्हें अपने घर में फिर से उगाने की कोशिश करते हैं। वो हर्बल पौधे उगाने के लिए पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इतना ही नहीं धर्म ग्रंथों में बताए गए कई पौधे उनके घर में हैं।

उनका ऐसा करने के पीछे का मकसद दूसरे लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मैं इस ज्ञान को युवा पीढ़ी को सौंपना चाहता हूं वो भी सबूत के साथ इसलिए मैंने इतने सारे पौधे उगाए हैं। मैंने कर्नाटक भर में सफर करके पौधों की इन किस्मों को इकट्ठा किया है। ये सब छात्रों के लिए मददगार हैं।

जिंदगी के सबसे अच्छे लम्हे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी जिंदगी में सबसे अच्छी चीज तब हुई जब मैंने जैव विविधता पर वल्ड काफ्रेंस में हिस्सा लिया था। इनके इस सराहनीय काम के लिए कई राज्यों की तरफ से इन्हें अवार्ड दिया गया है साथ ही उन्हें भविष्य में और काम करने के लिए उत्साहित भी किया।