मलाला को कश्मीर पर झूठ बोलने के लिए नोबेल नहीं ऑस्कर देना चाहिये : इमाम मोहम्मद तौहीदी

New Delhi : नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई द्वारा कश्मीर में अशांति के और प्रतिबंध के दावे को मुस्लिम स्कॉलर इमाम मोहम्मद तौहीदी ने झूठा बताया है। इमाम ने ट्वीट करते हुए कहा मलाला यूसुफजई को झूठ बोलने और एक्टिंग करने के लिए नोबेल पुरस्कार नहीं ऑस्कर अवार्ड दिया जाना है। 12 अगस्त मुसलमानों के लिए एक ईद की छुट्टी थी तो मुस्लिम बच्चे स्कूल कैसे जाते और कैसे सरकार की वजह से परीक्षा नहीं दे सके ?

आपको बता दें मलाला ने रविवार को ट्वीट करते हुए कश्मीर के मौजूदा हालात ठीक नहीं होने की बात कही थी। मलाला युसुफजई ने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर में शांति की दिशा में काम करने और घाटी में तनावपूर्ण स्थिति के बीच बच्चों को वापस स्कूल जाने में मदद करने का आग्रह किया है। मलाला ने कहा सरकार के प्रतिबंध के बाद कश्मीरी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

मलाला युसुफजई ने ट्वीट कर कहा- ‘पिछले हफ्ते मैंने कश्मीर में काम कर रहे और रह रहे लोगों – पत्रकारों, मानवाधिकार वकीलों और छात्रों के साथ बातचीत में समय बिताया। “मैं कश्मीर में रहने वाली लड़कियों से सीधे सुनना चाहती थी। संचार ठप्प होने की वजह से वहां की स्थिति जानने में मुझे काफी काम करना पड़ा। कश्मीरियों को दुनिया से काट दिया गया है। उनकी आवाज कोई नहीं सुन पा रहा है। मैं उन 4,000 लोगों की रिपोर्ट के बारे में गहराई से चिंतित हूं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, मनमाने ढंग से गिरफ्तार और जेल भेजे गए। उन छात्रों के बारे में जो 40 से अधिक दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, उन लड़कियों के बारे में जो अपने घर से निकलने से डरती हैं। मैं संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर में शांति की दिशा में काम करने, कश्मीरियों की आवाजों को सुनने और बच्चों को सुरक्षित स्कूल जाने में मदद करने के लिए आग्रह कर रही हूँ।