इग्नू ने किया बड़ा बदलाव, अब नहीं ले पाएंगे इन दो कोर्स में एडमिशन

New Delhi:  अगर आपके पास समय का अभाव है या आप जॉब कर रहे हैं और इग्नू से पढ़ाई करने की सोच रहे हैं तो यह जानना बहुत जरूरी है।  डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम कराने वाले देश के प्रतिष्ठित संस्थान ने अपने दो कर्स में बड़ा बदलाव किया है। इस बार इग्नू यानि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने अपने बीपीपी कोर्स (बैचलर प्रीप्रेटरी प्रोग्राम) को बंद कर दिया है। दूसरा बड़ा बदलाव यह है कि ग्रेजुएशन के किसी एक विषय की परीक्षा तीन सालों की बजाय एक साल में देने का नियम खत्म कर दिया है।

बता दें कि इग्नू में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए सत्र से संबधित सभी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें सभी कोर्सों से संबधित जानकारी दी गई है वहीं बीपीपी कोर्स के आगे होल्ड लिखा है। होल्ड का मतलब है कि इस बार इसमें कोई भी दाखिला नहीं ले सकेगा। कहा जा रहा है कि इग्नू ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि यूजीसी ने इग्नू के बीपीपी प्रोग्राम पर आपत्ति जताई थी।

जो कभी स्कूल नहीं गए उनके लिए था बीपीपी प्रोग्राम

बीपीपी प्रोग्राम उन युवाओं को मौका देता था जो कभी स्कूल नहीं गए थे और बीए करना चाहते थे। ऐसे में बीए करने से पहले बीपीपी का कोर्स करना होता था जिसकी अवधि छह माह होती थी। जो भी इसे पास कर लेता था उसे बीए में दाखिला लेने की इजाजत मिल जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसी तरह ग्रेजुएशन में किसी एक  विषय को तीन साल की जगह , एक साल में एक ही बार परीक्षा देकर उत्तीर्ण करने की सुविधा भी समाप्त कर दी गई है। अब एक विषय को भी तीन साल में ही किया जा सकेगा।

इसके अतरिक्त इग्नू ने बीटीएस (बैचलर ऑफ टूरिज्म स्टडीज) के प्रोग्राम को भी बंद कर दिया है। इस विषय से भी कोई इग्नू से पढ़ाई नहीं कर सकता है।