मेमोरी को रखना चाहते हैं मजबूत तो रोज करें ब्रश, बौद्धिक क्षमता पर भी होता है बुरा असर

New Delhi: मुंह की सफाई हर इंसान हर दिन करता है। लेकिन जो लोग ब्रश करने को इतनी गंभीरता से नहीं लेते या फिर कभी-कभी मुंह साफ करना मिस कर देते हैं उनको अब अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। एक अध्ययन में इस बात का पता चला है कि खराब मुंह के स्वास्थ्य से जीवन की गुणवत्ता गिरती है सिर्फ इतना ही नहीं इससे अवसाद और उच्च रक्तचाप की परेशानी भी पैदा होती है। लेकिन इसमें सबसे हैरान करने वाली बात ये है मुंह की अच्छी तरह साफ-सफाई ना करने से हमारा बौद्धिक स्तर गिरता है।

इस रिसर्च के लिए 60 और उसे ज्यादा उम्र के 2700 से ज्यादा चाइनीज अमेरिकन का इंटरव्यू किया गया। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत में दांतों के लक्षण पाए गए, 25.5 प्रतिशत में शुष्क मुंह की समस्या पाई गई। जिन लोगों में दांतों के किसी बीमारी के लक्षण पाए गए उनमें बौद्धिक स्तर में गिरावट, लंबे समय तक चीजों का याद करने की क्षमता में गिरावट पाई गई। ये सभी लक्षण डिमेंशिया की बीमारी होने के शुरुआती लक्षण हैं जो कि बहुत ही गंभीर बीमारी होती है जिसमें व्यक्ति की चीजों को याद रखने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ घटती जाती है।

अध्ययन से ये भी पता चला कि तनाव से शुष्क मुंह की समस्या बढ़ गई जिससे ​पूरे मुंह का स्वास्थ्य बिगड़ गया। इस मामले में जातीय अल्पसंख्यकों पर मुंह के खराब स्वास्थ्य का असर और भी ज्यादा गंभीर है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन लोगों की डेंटल केयर तक पहुंच कम होती है।

इसके नतीजों से इस बात का पता चला कि 47.8 प्रतिशत प्रतिभागियों में दांत की बीमारियों के लक्षण पाए गए, जिन लोगों में इस तरह के लक्षण पाए गए उनमें बौद्धिक क्षमता और याददाश्त के गिरने को अनुभव किया गया। 14.9 प्रतिशत में मसूढ़ों की बीमारी के लक्षण पाए गए। एक और हैरान करने वाली बात ये पता चली कि जिन लोगों में तनाव का ज्यादा अनुभव किया गया उनमें शुष्क मुंह होने के मामले ज्यादा पाए गए।