गरीब पिता ने कलेक्टर को लिखी मदद की चिट्ठी, कलेक्टर रवि ने तुरंत करवाया उसकी बेटी का इलाज

New Delhi : रवि जैन IAS हैं। इन दिनों राजस्थान के झूंझनूं में पोस्टेड हैं। उन्होंने बड़ा ही दरियादिली का काम किया है। दरअसल, अलसीसर की धनूरी पंचायत की भहरजी की ढाणी सवाईसिंह ने कलेक्टर रवि जैन को चिट्‌ठी भेजकर अपनी पीड़ा बताई।

मार्मिक चिट्ठी के कारण कई साल से मनोरोग से जूझ रही सवाईसिंह की 14 साल की बच्ची को 24 घंटे के भीतर उपचार मिल गया। बीडीके अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डाॅ. कपूर थालौर गांव पहुंचे, उसकी जांच कर दवाई दी।

दरअसल, सवाई सिंह ने कलेक्टर को पत्र लिख कर बताया था कि वह अपनी 14 साल की मनोरोगी बेटी का इलाज नहीं करवा पा रहा है। उसके तीन और बच्चे हैं, जिनकी परवरिश भी ठीक से नहीं करवा पा रहा है। चार-पांच साल से उसके इलाज पर सारी पूंजी खत्म हो गई है, अब पत्थर तोड़ कर किसी तरह रोटी जुटा रहा है। मेरी बच्ची की जिंदगी सुधारने में मदद करें। जैन को शुक्रवार को यह चिट्ठी मिली। उन्होंने तत्काल सीएमएचओ डॉ सुभाष खोलिया को निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. कपूर थालौर ने शनिवार को भहरजी की ढाणी पहुंच कर उसका उपचार शुरू किया। उन्होंने पाया कि बच्ची साइकोसिस नामक बीमारी के साथ ही मिर्गी से भी पीड़ित है। जरूरी हुआ तो बीडीके अस्पताल लाकर भर्ती किया जाएगा।

कलेक्टर जैन ने बताया कि उनके पास आई चिट्ठी में एक पिता का दर्द महसूस किया तो मैंने तत्काल ही इस पर एक्शन लेने का फैसला कर लिया। सीएमएचओ डॉ सुभाष खोलिया से कहा और इस बच्ची का उपचार शुरू करवाया। डाॅ. थालौर ने बताया कि वे सवाई सिंह के गांव पहुंचे तो उन्होंने पाया कि वह बहुत ही गरीब है और पहाड़ी पर पत्थर तोड़ने जैसी मजदूरी से किसी तरह घर चला रहा है। चौदह साल की पूजा कई साल से मनोरोग से पीड़ित है। उसे मिर्गी के दौरे भी आते हैं। उसकी हालत यह है कि वह दिनभर गांव वालों से लड़ती अौर एवं पत्थर मारती रहती है। उसका मानसिक स्वास्थ्य जांचा व इलाज शुरू किया। स्थानीय एएनएम को आगामी दवाई समय पर देने के आदेश दिए।