पति-पत्नी घर में क्लेश न करें और शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए

New Delhi : शिवपुराण के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। मान्यता है कि शिव स्वयंआज धरती पर प्रवास करते हैं। आज शिवजी की पूजा का महापर्व शिवरात्रि है। महादेव की प्रसन्नता के लिए विशेष पूजा की जाती है।शिवजी की कृपा से भक्तों को सभी कामों में सफलता मिलती है।

सुबह जल्दी उठे और नहाधोकर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें और कथा पढ़ें।  साथ ही भगवान शिवजी कोफल, बेलपत्र, पंजीरी, भांग, धतूरा, सफेद फूल जरूर चढ़ाएं।

शिवरात्रि पर पूजा करने वाले लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। शिवपुराण में कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जो शिवजी कीपूजा करने वाले भक्तों को नहीं करना चाहिए।

पतिपत्नी के बीच वादविवाद, छोटीछोटी लड़ाइयां अक्सर होती रहती हैं। ये आम बात है, लेकिन जब बातें बढ़ जाती हैं तो घर अशांतहो जाता है। शिवरात्रि पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में क्लेश ना हो। जिन घरों में क्लेश होता है, अशांति रहती है, वहां देवीदेवता निवास नहीं करते हैं। घर में प्रेम और शांति बनाए रखें।

कभी भी किसी बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाईबहन, जीवन साथी, मातापिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का अपमान करें। तुलसी पवित्र मानीजाती है और भगवान विष्णु की पूजा इसके बिना अधूरी होती है, लेकिन शिवपुराण के अनुसार शिव पूजा में ये वर्जित है। शिवलिंग परतुलसी चढ़ाने से पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है।

शिवजी के भक्तों को बुरे विचारों से बचना चाहिए। बुरे विचार जैसे दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए योजना बनाना, अधार्मिक कामकरने के लिए सोचना, स्त्रियों के लिए गलत सोचना आदि। ऐसे विचारों से शिव पूजा में मन नहीं लग पाएगा और पूजा सफल नहीं होगी।

शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए, हल्दी जलाधारी पर चढ़ा सकते हैं। हल्दी स्त्रियों से संबंधित सामग्री है। शिवलिंग पुरुष तत्व सेसंबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। जलाधारी स्त्री तत्व से संबंधित है और ये माता पार्वती की प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग परनहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए।

क्रोध से मन की एकाग्रता और सोचनेसमझने की शक्ति खत्म हो जाती है। शिवजी के कृपा पाने के लिए खुद को शांत रखना बहुतजरूरी है। क्रोध से मन अशांत हो जाता है और ऐसे में पूजा नहीं की जा सकती है। इसलिए क्रोध करें।

शिवजी की पूजा में सोने, चांदी, पीतल, कांसे, तांबे या अष्टधातु के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। ध्यान रखें लोहे, स्टील याएल्युमिनियम के बर्तन पूजा में उपयोग करें। ये धातुएं शिवजी की पूजा में वर्जित की गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

54 − = forty five