उत्तर प्रदेश के पॉवर कपल कर रहे हैं लोकसभा में एक साथ पहुंचने की तैयारी

New Delhi, 19 May

लंबे समय से चल रहा चुनावी दंगल अब थोड़ा शांत हो चुका है । चुनाव के माहौल में सभी पार्टियों ने एक -दूसरे पर जमकर शब्दों से तीर चलाए लेकिन अब सबकी निगाहें सिर्फ चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं। सभी पार्टियां अपने -अपने जीतने का दावा कर रही हैं।  उत्तर प्रदेश  के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव भी इस बार लोकसभा में एक साथ पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए ये लोकसभा चुनाव इस जोड़ी के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

इस बार अखिलेश यादव ने आजमगढ़ से पर्चा दाखिल किया तो उनकी पत्नी ने कन्नौज से  उम्मीदवार के पद पर खड़ी हुईं। दिलचस्प यह है कि जहां अखिलेश ने लगातार तीन बार कन्नौज से जीत हासिल की वहीं डिंपल तीसरी बार वहां से उम्मीदवार के रूप में खड़ी हुईं। गौर करने वाली  बात यह भी है कि अखिलेश ने 2012 में अपनी कन्नौज की सीट छोड़कर अपनी पत्नी को दे दिया था जबकि 13वीं,14 वीं, 15 वीं लोकसभा में अखिलेश ने यहां पर अपना परचम लहराया था।

 

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश ने साल 2000 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने 2009 में फिरोजाबाद से जीत दर्ज की इसके बाद अपनी सीट छोड़ दी और होने वाले उपचुनावों में कांग्रेस के नेता राजबब्बर के खिलाफ अपनी पत्नी को खड़ा किया। हालांकि अपने इन पहले चुनावों में डिंपल यादव को हार का सामना करना पड़ा था ।जब अखिलेश 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो 2014 के चुनावों में डिंपल ने भी भाजपा नेता सुब्रत पाठक को हराकर जीत हासिल की थी।

बात करें आजमगढ़ सीट की तो 2014 में आजमगढ़ से अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव थे। इस बार यह सीट पिता ने बेटे को सौंप दी है। अगर दोनों चुनाव जीतते हैं तो उत्तर प्रदेश की यह जोड़ी एक साथ 17 वीं लोकसभा का सदस्य बन जाएगी।