राज्य सरकारों को राष्ट्रीय संस्थानों को जमीन मुहैया कराने का मिला अल्टीमेटम

New Delhi: देश के आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम के पास अब अपना भवन होगा। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि राष्ट्रीय संस्थानों को किराये के भवनों में न चलाएं। देश के कई राष्ट्रीय संस्थानों में किराये के भवनों में पढ़ाई होती है। राज्य सरकारों ने संस्थानों को अब तक जमीन मुहैया नहीं कराया है।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकारों को संस्थानों के लिए जमीन मुहैया कराने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेता’वनी देते हुए कहा है कि अगर यह समय रहते न किया गया तो संस्थानों को अन्य राज्यों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। एनआईटी में 50 फीसदी सीट संबंधित राज्य के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं। अन्य राज्यों में संस्थानों के शिफ्ट करने से राज्य के छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। मंत्री ने कहा है कि छात्रों के नुकसान के लिए राज्य जिम्मेदार होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने पिछले हफ्ते देश के सभी आईआईटी, एनआईटी और आईआईएम के निदेशकों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में छह निदेशकों ने अपना भवन न होने की समस्या का जिक्र किया था। निदेशकों ने कहा था कि किराये के भवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किराये के भवन में छात्रों की सुरक्षा को लेकर ख’तरा रहता है। कैंपस और हॉस्टल दूर होने से आवागमन में दिक्कत रहती है। इस कारण पढ़ाई काफी प्रभावित होती है।

इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने निदेशकों को आश्वासन दिया था कि उन्हें जमीन मिलने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आएगी। सात साल पहले नए आईआईटी, एनआईटी व आईआईएम बनाए गए थे। उस समय यह कहा गया था कि जल्द ही इन संस्थानों को किराये के भवन से शिफ्ट कर दिया जाएगा। राज्य सरकारों की सुस्ती के कारण आज भी हालात वही है।