होली 2019: देवघर में श्रीकृष्ण संग होली खेलते हैं बाबा बैद्यनाथ, जानें हर और हरि की पौराणिक कथा

New Delhi: होली (Holi 2019) का त्योहार यूं तो पूरे देश में मनाया जाता है और इसके विविध रंग भी देखने को मिलते हैं। मथुरा और बरसाने में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को याद करके लट्ठमार होली, लड्डू की होली, फूलों की होली, रंग और गुलाल की होली खेलते हैं।

होली के इस अनोखे रूप को देखने दुनिया भर से लोग यहां आते हैं। लेकिन हरि का हर से ऐसा प्रेम और स्नेह है कि मथुरा की गलियों से निकलकर हर यानी भगवान भोलेनाथ से होली खेलने देवघर पहुंच जाते हैं।

दरअसल झारखंड के प्रसिद्ध देवघर मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा चली आ रही है जिसमें हर और हरी की होली (Holi 2019) का आयोजन किया जाता है। भव्य आयोजन के बीच भगवान श्रीकृष्ण यानी हरि और भगवान शिव यानि हर का होली मिलन समारोह होता है। इनका स्नेह ऐसा है कि भगवान शिव अपने शीश पर श्रीकृष्ण को स्थान देते हैं। फिर गुलाल से होली खेलते हैं।

मंदिर प्रांगण में स्थित राधा कृष्ण मंदिर से होली आरंभ होता है और एक निर्धारित शुभ मुहूर्त में श्रीकृष्ण की प्रतिमा को पालकी में बैठाकर बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में ले जाकर श्रीकृष्ण की प्रतिमा को बाबा वैद्यनाथ के शिवलिंग के ऊपर रख दिया जाता है। इस तरह हरि-हर का मिलन होता है और वह होली खेलते हैं।

इस अनोखे होली मिलन को देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के धाम पर आते हैं। इस साल इस मिलन का शुभ मुहूर्त 20 मार्च की रात 9 बजकर 25 मिनट है। हर और हरि की होली के बाद मंदिर में आए श्रद्धालु एक दूसरे को गुलाल मलकर होली खेलते हैं।

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हर और हरि की होली की कथा

बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग की कथा से हर और हरि की होली का संबंध है। ऐसी कथा है कि रावण भगवान शिव से वरदान में शिवलिंग को प्राप्त कर लंका ले जा रहा था। यह शिवलिंग कामनालिंग है जो साक्षात् शिव स्वरूप है। यह लंका पहुंच जाता तो रावण अजेय हो जाता। इसलिए भगवान विष्णु ब्राह्मण का वेष धारण कर रावण के पास पहुंच गए। उसी समय रावण को तेज लघुशंका लग गई।

शिवलिंग हाथ में लेकर रावण लघुशंका नहीं कर सकता था। रावण में शिवलिंग ब्राह्मण बने भगवान विष्णु के हाथों में शिवलिंग दे दिया। भगवान विष्णु ने उस शिवलिंग को भूमि पर रख दिया। शिवजी ने रावण से कहा था कि शिवलिंग जहां भूमि पर रखा जाएगा वहीं स्थापित हो जाएगा। रावण शिवलिंग को अपने साथ लंका नहीं ले सका। हरि द्वारा हर के शिवलिंग की स्थापना होने की वजह से यहां हर और हरि का हर साल होली पर मिलन आयोजित होता है।

देवघर की मान्यता

देवघर का शिवलिंग कामना लिंग है यानी जो भी कामना लेकर भक्त यहां आते हैं उनकी मनोकामना शिवजी पूरी करते हैं। इसलिए शिवजी के दरबार में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक करने आते हैं। मंदिर में शिवलिंग के ऊपर चंद्रकांत मणि है जिससे शिवलिंग पर जल की बूंदे टपकती रहती है।