हिन्दु-मुस्लिम एकता/तिहाड़ जेल में 150 हिन्दू कैदियों ने रोजा रख कायम की एकता की मिसाल

New Delhi: भारत में रहने वाले लोगों की संस्कृति और धर्म में चाहे अनेकों विविधताएँ क्यों न हो लेकिन दिल से तो सभी भारतीय ही है। भारतीयों का ये प्रेम अमिट है। यहां हिन्दू-मुस्लिम को लेकर लोगों के अलग-अलग मत हो सकते है, परन्तु सच्चाई तो यही है कि भारत में आज भी हिन्दू-मुस्लिम एकता कायम है। इसी कौमी-एकता की नज़ीर पेश की है तिहाड़ जेल के कैदियों ने।

भारतीय धर्म, मनुष्य को एक-दूसरे से अलग नहीं करते बल्कि उन्हें एक साथ मिलकर रहने की सीख देते हैं। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला दिल्ली की तिहाड़ जेल में। तिहाड़ जेल के करीब 150 हिन्दू कैदियों ने रोजा रख कर प्यार और भाईचारे की मिसाल पेश की है।

Live India

यहां जेल में रह रहें कैदियों का कहना है कि ‘रोजेदार सिर्फ मुसलमान नहीं होते, बल्कि हिन्दू भी होते हैं । इसलिए हमने भी रोजा रखा है और हमें रोजा कर के बहुत अच्छा लग रहा है । हम में से कुछ कैदियों ने पहली बार रोजा रखा है तो कुछ कैदीयों ने पिछली बार भी रखा था ।’ रोजा रखने का कारण पूछने पर कुछ कैदियों ने कहा कि हमारे मुस्लिम दोस्त रोजा कर रहें है इसलिए हम भी कर रहे है, वहीँ कुछ कैदियों ने कहा कि खुदा हमारी मुराद जल्दी सुनकर पूरी करें ताकि जल्द रिहा होकर हम घर वापिस जा सकें इसलिए हम रोजा कर रहे हैं।

एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने मिडिया को बताया कि इस बार कम से कम 150 हिंदू कैदी तिहाड़ जेल के अंदर रोजा (उपवास) रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोजा करने वाले हिंदू कैदियों की संख्या इस साल पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है। पिछले साल 59 कैदियों ने रोजा रखा था। रोजा रखने वाले हिन्दू कैदी भी पूरे मन से नियमों का पालन करते हुए मुसलमान भाईयों की तरह रमजान के इस पाक महीने में रोजा रख रहें है।

वहीं, जेल प्रवक्ता के अनुसार रोजा रखने वालें कैदियों ने पहले ही जेल अधीक्षक को इसकी जानकारी दे दी थी, जिससे कि जेल प्रबंधन ने कैदियों के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाएं की है जैसे कि धार्मिक प्रमुख को जेल में आने और कैदियों के साथ प्रार्थना करने की अनुमति देना। जेल में रमज़ान के उपवास के दौरान आमतौर पर लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खजूर और रूफ अफ़ज़ा पेय का भी स्टॉक किया गया है। कैदी जेल की कैंटीन से सामान खरीद सकते हैं।

जेल प्रवक्ता ने कहा, हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम कैदी भी हर साल नवरात्रि में हिन्दू भाईयों के साथ 9 दिनों तक माता-रानी का उपवास रखते है और नवरात्रि मनाते है।