मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय टीम जम्मू,कश्मीर और लद्दाख का करेगी दौरा,पिछड़े क्षेत्रों का लगाएगी पता

NEW DELHI: जम्मू-कश्मीर में जारी हालातों के बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बड़ी घोषणा की है। विपक्ष जम्मू-कश्मीर में जारी हालातों को लेकर आए दिन सरकार पर निशाना साध रहे हैं। अब्बास नकवी ने इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय टीम भेजने की घोषणा की है।

नकवी ने कहा- ‘सचिव के साथ मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय टीम जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का दौरा करेगी। टीम 27-28 अगस्त को श्रीनगर में होगी, वहां से टीम कारगिल, लेह और जम्मू भी जाएगी। यह उन क्षेत्रों का पता लगाएगा जहां विकास नहीं हो पाया है।’

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आपको बता दें जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विपक्षी दलों को श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया था।

राज्यपाल मलिक ने विपक्षी प्रतिनिधिमंडल के साथ राहुल गांधी की कश्मीर यात्रा पर कहा था कि, ” अभी यहां उनकी कोई जरूरत नहीं है। उनकी जरूरत उस समय थी जब उनके सहयोगी कश्मीर मसले को लेकर संसद में बोल रहे थे। यदि वह फिर से वही झूठ बोलना चाहते हैं जो दिल्ली में बोला था तो यह अच्छी बात नहीं है।

श्री नगर लौटने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा – ”मैने राज्यपाल सत्यपाल मलिक का आमंत्रण स्वीकार किया था और जब मैं वहां जाने की बात की तो राज्यपाल ने कहा कि विपक्षी दल न आएं। अगर चीजें सामान्य हैं तो हमें बाहर जाने की इजाजत क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में धारा 144 लागू है तो मैं अकेले जाने के लिए तैयार हूं मुझे समूह में नहीं जाना है। मैं केवल वहां के लोगों की वास्तविक स्थिति जानना चाहता हूं। अगर वो परेशानी में हैं तो मैं उनकी हरसंभव मदद करूंगा। लेकिन आश्चर्य की बात है कि मुझे  श्री नगर एयरपोर्ट से आगे नहीं जाने दिया गया।”

उन्होंने कहा कि हमारे साथ के पत्रकारों के साथ भी बुरा व्यवहार किया गया उन्हें पीटा गया।  कश्मीर जा रहे इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी के साथ माकपा, भाकपा, द्रमुक, राकांपा, जद (एस), राजद, एलजेडी और टीएमसी के नेता भी गए थे।