Phone Tapping: मोदी सरकार पर आरोपों के बाद हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, CBI फिर सवालों के घेरे में

New Delhi: लंबे समय से सवालों के घेरे में रही देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फिर आरोपों के घेरे में है। वहीं केंद्र की मोदी सरकार पर भी दिल्ली हाई कोर्ट ने शिकंजा कसा है और फोन टेपिंग मामले में सवाल किये हैं। दरअसल CBI पर NSA चीफ अजीत डोभाल का फोन टेप करने का आरोप लगा है जिसके बाद अब मोदी सरकार भी सवालों के घेरे में है।

जाहिर है हाल ही आलोक वर्मा ने पद से हटाए जाने के बाद अपना इस्तीफे सौंप दिया था जिसको लेकर हलचल तेज थी। वहीं अब एक और बड़ा आरोप लग गया है।

हाईकोर्ट ने केंद्र और सीबीआई से मांगा जवाब

इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव वाली बेंच ने गृह मंत्रालय और सीबीआई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सार्थक चतुर्वेदी ने याचिका में आरोप लगाया है कि सीबीआई के कुछ अधिकारियों ने अपने गुप्त मकसद के लिए नियमों की अनदेखी की और अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। याचिका में इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की गई है।

CBI ajeet doval

CBI पर लगा अजीत डोभाल का फोन टैप करने का आरोप

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार CBI पर NSA चीफ अजीत डोभाल का फोन टेप करने का आरोप लगा है। जी हां दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें ये आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का फोन टैप किया जा रहा था। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि विशेष इकाई ने कई फोन नबंर्स को सर्विलांस पर रखा था। याचिका में भविष्य में उच्च अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर होने वाली फोन कॉल टैपिंग, सर्विलांस, और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए गाइड लाइन बनाने की मांग भी की गई है।