HDFC ने ‘स्वच्छता ही सेवा ’ मिशन में बढ़ाया हाथ , 2019 तक है मिशन का लक्ष्य

 New Delhi –  HDFC  ने  ‘स्वच्छता ही सेवा’ मिशन पर अपनी राय देते हुए कहा कि स्वच्छता का हमारे जीवन से सीधा संबन्ध है । अच्छे स्वास्थ्य , बेहतरीन स्वास्थ्य समुदाय , स्वच्छ पानी , लैंगिक समानता इत्यादि कुछ ऐसे विषय है जिसके हम प्रत्यक्ष रुप से पूरक हैं ।

HDFC ने कहा कि यह तो एक CSR एक्टिविटी भी है जिसमें लोगों को सहयोग करना चाहिए । यदि आप HDFC को लेकर भ्रमित है और उसे बैंक समझ रहे है तो यह एक भूल है । जानकारी के लिए आपको बता दें कि HDFC नाम से एक कार्पोरेशन है मतलब कंपनी ही समझ लिजिए , जिसका पूरा नाम है – Housing Development Finance Corporation । इस कंपनी या संस्थान के नाम से इसका काम स्पष्ट है । HDFC का मानना है कि वह पहला कार्पोरेट हाउस है जो स्वच्छता को लेकर कई वर्षों से संघर्ष कर रहा है । उसका कहना है कि 1989 में मुंबई में प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं का निर्माण करने के लिए सुलभ इंटरनेशनल का पहला कॉर्पोरेट समर्थक था। HDFC का दावा है कि वह 2014 से दादर में विश्व स्तरीय इस्पात निकाय शौचालय समेत मुंबई में झोपड़पट्टी समुदाय और सार्वजनिक शौचालयों के उन्नयन और नवीनीकरण के लिए सुलभ इंटरनेशनल का समर्थन और उस पर कार्य कर रहा है । HDFC ने शेल्टर एसोसिएट्स (महाराष्ट्र) , ग्रामालय (तमिलनाडु) और अपशिष्ट योद्धा समाज (हिमाचल प्रदेश) और एमएचटी (एनसीआर) समेत अनुभवी भागीदारों के साथ समुदाय आधारित स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रमों का समर्थन भी समय-समय पर किया है।

HDFC का कहना है कि उसने 2014 में स्वच्छता परियोजना के तहत 25 करोड़ रुपये के लागत से 8,500 से भी अधिक घरेलू शौचालयों को बनाकर 42,000 से अधिक लोगों को यह सुविधा देने का काम कर चुका है । HDFC ने एक बार फिर से हाल ही में 15 सितंबर 2018 को लॉन्च हुए ‘स्वच्छता ही सेवा आंदोलन 2018’ में सहयोग करने के लिए आगे आया है और साथ ही साथ HDFC के कार्यकारी निदेशक वी श्रीनिवास रंगन ने मुंबई में नौ सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन करके उनका समर्थन भी किया है । स्वच्छ भारत मिशन पर बोलते हुए HDFC के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा की भारत सरकार को अक्टूबर 2014 से 5 साल का लक्ष्य इस मिशन को लेकर मिला था जिसपर सरकार ने तेजी से काम भी किया है और लगातार कर रही है ताकि भारत को खुले शौचालय से मुक्त कर सकें।