‘विदेशी’ करार दिए गए रिटायर आर्मी ऑफिसर सनाउल्लाह को मिली जमानत

अवैध प्रवासी घोषित किए गए आर्मी के रिटायर ऑफिसर मोहम्मद सनाउल्लाह को गोवाहाटी हाईकोर्ट से अंतरिम जमा’नत मिल गई है। भारतीय सेना को 30 साल सेवा देने वाले रिटायर्ड सूबेदार मोहम्मद सनाउल्लाह कई दिनों से असम के एक डिटेंशन सेंटर में हैं। रि’हाई के लिए उनसे दो हजार रुपये की जमानत राशि, दो लोकल स्योरिटी और बायो-मैट्रिक्स ली गई । यह जानकारी उनके वकील दी।

सनाउल्लाह के वकील का कहना है कि हमें पूरा भरोसा है कि हमारी जीत होगी। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात ये है कि जांच अधिकारी ने खुद कबूला है कि उसने सनाउल्लाह की कोई तहकीकात की ही नहीं है।

बता दें कि सनाउल्लाह मामले की जांच कर रहे चंद्रमल दास के खिलाफ पुलिस ने मा’मला द’र्ज किया है। जिन कथित गवाहों के आधार पर सनाउल्लाह की रिपोर्ट तैयार की गई,उसके बारे में जानकारी मिली है कि उन्होंने कभी गवाही दी ही नहीं।

इस मामले में शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच अधिकारी ने मामले ने कोई तहकीकात की ही नहीं और एक फ’र्जी जांच रिपोर्ट तैयार कर दी।

क्या था मामला-

असल में कामरूप जिले के बोको थाना क्षेत्र के कोलोहिकस गांव निवासी और वर्तमान में सीमा पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के पद पर कार्यरत मोहम्मद सनाउल्लाह को विदेशी न्यायाधिकरण, कामरूप द्वारा अ’वैध नागरिक घोषित किया गया है। अ’वैध नागरिक घोषित किए जाने के बाद उन्हें डिटेंशन कैम्प में रखा गया था।

न्यायाधिकरण के फैसले के बाद एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक, सनाउल्लाह को ले गई और उन्हें गोलपारा जिले के नजर’बंदी शिविर में भेज दिया गया ।

सनाउल्लाह ने शिविर जाने से पहले बताया था कि उन्होंने देश की सेना में 30 वर्षों (1987-2017) तक इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी के रूप में सेवा की और 2014 में राष्ट्रपति के पदक से सम्मानित किया गया।

सेना के एक रिटायर अधिकारी ने बताया कि सनाउल्लाह असम में जन्म के बीस साल बाद 1987 में सेना में शामिल हुए थे। वह 2017 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद सीमा पुलिस में शामिल हो गए। उन्होंने एक सुनवाई में गलती से 1978 में सेना में शामिल होने का उल्लेख किया था।

इस गलती के आधार पर न्यायाधिकरण ने उन्हें विदेशी घोषित कर दिया। उनके मुताबिक सुनावई के दौरान न्यायाधिकरण ने कहा कि कोई भी 11 साल की उम्र में सेना में शामिल नहीं हो सकता है।

बता दें कि मोहम्मद सनाउल्लाह का जन्म 30 जुलाई, 1967 को असम के कामरूप डिस्ट्रिक में बोको क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोलोहिकस गांव के निवासी मोहम्मद अली के घर हुआ था।

kaushlendra

सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में दिलचस्पी है।गांधी जी का फैन हूँ।समाज में जागरुकता लाना उद्देश्य है।पत्रकारिता मेरा प्रोफेशन है,जुनून है और प्यार भी है।
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