गुरु पूर्णिमा स्पेशल: गुरुओं के भी गुरु हैं महादेव

New Delhi: आज गुरु पूर्णिमा है। अक्सर लोगों के जीवन में एक गुरु नहीं होता। स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट के लिए उसका शिक्षक गुरु बन जाता है। जब वो ही स्टूडेंट कालेज में जाता है तो प्रोफ़ेसर उसके गुरु बन जाते हैं। जब वो किसी खास क्षेत्र में अपने करियर को आकर देने जा रहा होता है तब उस करियर के मास्टर उसके लिए गुरु हो जाते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी गुरु को नहीं मानते। अगर आप भी किसी को गुरु नहीं मानते या आपका कोई गुरु नहीं है तो भगवान शिव ही आपके गुरु है क्योंकि शिव गुरुओं के गुरु है।

हम सभी भगवान राम की, कृष्ण की और हनुमान जी की जयंती मनाते हैं लेकिन कभी आपने सोचा है कि हम शिव जी की जयंती क्यों नहीं मनाते? क्योंकि शिव अजन्मे है। शिव ने ही इस सृष्टि की रचना की है।

शिव है प्रथम और शिव ही अंतिम है। शिव ने ही सभी देवों की रचना की है इसलिए शिव देवों के देव कहे जाते हैं। शिव गुरु हैं। शिव शाश्वत हैं। शिव आशुतोष हैं। शिव सत्य हैं। शिव सुंदर हैं। शिव ही गुरु हैं।

अगर आप भी सच्चे मन से शिव को गुरु मान लें और उनकी उपासना करने लगे तो इसका फल भी आपको जल्दी ही मिलता हुआ दिखाई देगा। भगवान शिव को संहार का देवता कहा जाता है। भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से शिव को भिन्न माना गया है। सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति शिव हैं।

जिस प्रकार सभी देवताओं को जब किसी समस्या का कोई हल नहीं मिलता था तो सभी देव शिव के पास जाते थे और शिव ही उनकी समस्याओं का संहार करते थे। उसी प्रकार भक्तों के भी सभी कष्टों और दुखों का निवारण करते हैं शिव।

आज के दिन आप भी शिव जी की पूजा कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। आज के दिन महादेव की पूजा कुछ इस प्रकार करें।

-सबसे पहले शिव जी को पुष्प,मिष्ठान्न तथा दक्षिणा अर्पित करें।
-उसके बाद शिव जी का ध्यान कमल के पुष्प पर बैठकर करें।
-हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और स्वयं को शिव के शिष्य के रूप में स्वीकार करें। -पूरे सच्चे मन से ध्यान करते हुए कहें कि हे शिव! आप ही मेरे गुरु है। उसके बाद प्रतिदिन घर से बाहर निकलने से पहले भगवान शिव का मन में ध्यान करके निकलें। धीरे-धीरे भगवान शिव की आप पर असीम कृपा होगी।