पत्रकार ह‘त्या मामले में राम रहीम पर फैसला आज, छावनी में तब्दील हुआ कोर्ट परिसर और इलाका

New Delhi:  पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ह’त्याकांड के आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर अहम फैसला आना हैं। इस बीच सुनवाई से पहले पंचकूला में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट का सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। कोर्ट परिसर और आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया हैं।

पंचकूला में सीबीआई स्पेशल कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था के बारे जानकारी देते हुए डीसीपी कमलदीप गोयल ने कहा कि भारी संख्या में पुलिसबल को तैनात कर दिया गया हैं। कोर्ट परिसर में 500 की संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया हैं। यहां बैरिकेडिंग भी कर दी गई हैं। वहीं आईजी संदीप खिरवार ने बताया कि हमने जेल के इर्द-गिर्द सुरक्षा घेरा बनाया है, ड्रोन के मदद से नजर रखी जा रही हैं, उन्होंने कहा कि हम कोई जमघट नहीं लगने देंगे। मैं सभी लोगों से शांत रखने का आग्रह करता हूं, हम सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को कोई परेशानी न हो।

 Journalist Murder Case

आपको बता दें कि साल 2002 में 24 अक्टूबर को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर ह’त्या हुई थी, इस हत्या के पीछे गुरमीत राम रहीम का हाथ बताया जा रहा है, क्योंकि वह डेरे में होने वाले गलत कामों का खुलासा करते थे और इस मामले में 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना गया था।

सीबीआई कोर्ट ने इस हत्या से जुड़े आरोपी गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। वहीं कोर्ट के जज जगदीप सिंह इस मामले का फैसला सुनाएंगे, जगदीप सिंह वही जज हैं जिन्होंने रामरहीम को साध्वी यौन शोषण के आरोप में सजा सुनाई थी। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के चश्मदीद उनके बेटे अंशुल और अदिरमन है।

आपको बता दें कि सीबीआई कोर्ट ने ही राम रहीम को साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा सुनाई थी। जब राम रहीम को सजा सुनाई गई थी तो हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। यह हिंसा इतनी बड़ी थी कि इसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे।